तेहरान। ईरानी हमलों (Iranian attacks) के खिलाफ अब मिडिल ईस्ट (Middle East) के देश कार्रवाई शुरू कर चुके हैं। अब कतर (Qatar) ने ईरान के सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को मुल्क छोड़ने के निर्देश दे दिए हैं। इसके लिए 24 घंटों का समय दिया गया है। अमेरिका और इजरायल (America and Israel) से युद्ध के बीच खाड़ी देशों में हमले करने को लेकर ईरान पहले ही कई मुल्कों के निशाने पर आ चुका है। खबर है कि सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मुस्लिम देशों की बड़ी बैठक भी होने वाली है।
कतर के विदेश मंत्रालय ने लिखा, ‘कतर के विदेश मंत्रालय ने देश में स्थित इस्लामी गणराज्य ईरान के दूतावास को एक आधिकारिक नोट सौंपा है। इसमें कहा गया है कि कतर, दूतावास के सैन्य अताशे (Military Attache) और सुरक्षा अताशे (Security Attache) के साथ-साथ इन दोनों कार्यालयों के समस्त स्टाफ को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित करता है। कतर ने मांग की है कि ये सभी अधिकारी अधिकतम 24 घंटे के भीतर देश छोड़कर चले जाएं।’
क्या होता है पर्सोना नॉन ग्राटा
डिप्लोमेसी के लिहाज से जब कोई देश किसी विदेशी अधिकारी या अधिकारियों को अपने यहां रहने की अनुमति देने से मना कर देता है या उसे देश छोड़ने का आदेश देता है, तो उसे ‘persona non grata’ घोषित किया जाता है।
हमले से नाराज होकर उठाया कदम
मंत्रालय ने कहा कि ईरान की तरफ से बार-बार कतर को निशाना बनाने और कतर राज्य के खिलाफ किए गए खुले आक्रमण के जवाब में लिया गया है, जिसने कतर की संप्रभुता और सुरक्षा का उल्लंघन किया है। यह अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 2817 और अच्छे पड़ोस के सिद्धांतों का घोर उल्लंघन है।
चेतावनी भी दे दी
कतर ने साफ किया है कि ईरान अगर इस तरह का रवैया जारी रखता है, तो आगे और भी कड़े उपाय किए जाएंगे। साथ ही कहा, ‘कतर अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रावधानों के अनुसार अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अपना अधिकार सुरक्षित रखता है।’
ईरान ने दी कतर समेत कई देशों को धमकी
ईरान ने अपने ‘गैस फील्ड’ पर हमले के बाद धमकी दी है कि वह कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE ) में तेल और गैस के बुनियादी ढांचे पर हमला करेगा। हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब ईरान ने धमकी जारी की हो। ईरान ने विशेष रूप से सऊदी अरब की ‘समरेफ रिफाइनरी’ और उसके ‘जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स’ को निशाना बनाने की धमकी दी है। उसने संयुक्त अरब अमीरात के ‘अल हसन गैस फील्ड’ और कतर में स्थित पेट्रोकेमिकल संयंत्रों तथा एक रिफाइनरी पर भी हमले की धमकी दी है।