आपराधिक मामलों का बढ़ता ग्राफ
एडीआर और केरल इलेक्शन वॉच द्वारा किए गए विश्लेषण में 132 मौजूदा विधायकों के हलफनामों की जांच की गई।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दो विधायकों ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या से संबंधित मामले घोषित किए हैं, जबकि तीन विधायक धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास के आरोपों का सामना कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, तीन विधायकों ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों से संबंधित मामले घोषित किए हैं, जिनमें बलात्कार का एक मामला भी शामिल है।
सभी प्रमुख दलों में आपराधिक छवि वाले विधायक
यह प्रवृत्ति किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। विभिन्न राजनीतिक दलों में आपराधिक मामले घोषित करने वाले विधायकों का अनुपात काफी अधिक है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी): 58 में से 43 विधायक (74%) आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी: 44% विधायक।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग: 86% विधायकों ने ऐसे मामले घोषित किए हैं।
आर्थिक स्थिति: करोड़पतियों की भरमार
वित्तीय मोर्चे पर भी विधायकों की स्थिति काफी मजबूत है। 132 में से 72 विधायकों (55%) ने 1 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है। सभी 132 विधायकों की कुल संपत्ति 363.78 करोड़ रुपये है, जिसका औसत 2.75 करोड़ रुपये प्रति विधायक है।
पार्टीवार संपत्ति का विवरण:
पार्टी 1 करोड़ से अधिक संपत्ति वाले विधायकों का प्रतिशत
केरल कांग्रेस (एम) 100%
जद(एस) 100%
राकांपा 100%
केरल कांग्रेस 100%
आईयूएमएल 86%
कांग्रेस 62%
सीपीआई (एम) 40%
सबसे अमीर और सबसे गरीब विधायक
कांग्रेस के विधायक मैथ्यू कुझलनंदन सबसे अमीर विधायक पाए गए हैं, जिनकी कुल संपत्ति 34 करोड़ रुपये से अधिक है।
शैक्षणिक योग्यता और जनसांख्यिकी
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो 61% विधायकों ने स्नातक या उससे ऊपर की शिक्षा प्राप्त की है, जबकि 36% विधायकों ने कक्षा 5 से 12 तक की पढ़ाई की है। महिला विधायकों की संख्या काफी कम है, केवल 11 विधायक (8%) महिला हैं। आयु वर्ग के अनुसार, 70% विधायक 51 से 80 वर्ष के बीच हैं, जबकि 30% विधायक 25-50 वर्ष की आयु समूह में आते हैं।