फ़ोन नंबर साझा किए बिना होगी चैटिंग
नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ता अपने लिए एक यूनिक बिल्डरनाम या हैंडला बना फ़ेमनी, ठीक वैसे ही जैसे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर होता है। इससे किसी को भी मैसेज, वॉयस कॉल या वीडियो कॉल करने के लिए नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं है। यह विशेषता विशिष्टता पर उन उपभोक्ताओं के लिए अद्भुत होगी, जो अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखना चाहते हैं।
जून 2026 में लॉन्च किया जा सकता है
सिद्धांत के अनुसार, यह फीचर जून 2026 तक ग्लोबल लेवल पर लॉन्च किया जा सकता है। कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि वह इस बदलाव को लेकर उत्सुक है, क्योंकि उपभोक्ता नए दोस्तों, समूहों और व्यवसाय से आसानी से जुड़ेंगे, वो भी बिना नंबर सार्वजनिक किए।
वैकल्पिक नया फीचर होगा
व्हाट्सएप का यह फीचर पूरी तरह से वैकल्पिक निवास की संभावना है। यानि कि जो भी एप्रिसिज्यलिस्ट है, वे पहले एक तरह के फोन नंबर के जरिए ही ऐप का इस्तेमाल जारी रख फैन करते हैं। इससे वास्तविक उपभोक्ता के अनुभव में कोई बाधा नहीं आएगी और धीरे-धीरे नई सुविधा को शामिल करने का विकल्प जरूरी होगा।
बिज़नेस के लिए भी नया मॉडल
मेटा प्लेटफॉर्म्स (मेटा) के अनुसार, एक नए विक्रय मॉडल के बारे में भी विचार किया जा रहा है। इसके तहत मार्केटिंग मार्केटिंग शिपिंग के लिए वास्तविक समय में बोली लगाई गई। इस सिस्टम का रजिस्ट्रेशन 2026 के दूसरे भाग में शुरू हो सकता है और 2027 तक इसे लागू किया जा सकता है।
भारत बना सबसे बड़ा बाज़ार
भारत में व्हाट्सएप के लिए सबसे बड़ा बाजार बन गया है, जहां 50 करोड़ से ज्यादा उपभोक्ता इस ऐप का इस्तेमाल करते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 77% खरीदारी के शेयरों का असर सोशल मीडिया पर होता है। इसमें मेटा प्लेटफॉर्म्स के प्लेटफॉर्म्स का 96% योगदान बताया गया है।
इसके अलावा, 72% उत्पाद डिस्कवरी व्हाट्सएप जैसे व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म के माध्यम से मौजूद हैं, जो इस ऐप की चॉकलेट तकनीकों को पेश करता है।
निजी और प्रयोगशाला दोनों मजबूत
कुल मिलाकर, व्हाट्सएप का यह कदम ग्राहकों की गोपनीयता को मजबूत करने के साथ-साथ प्लेटफॉर्म को और प्रमुख कंपनी-फ्रेंडली बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव लाने पर विचार किया जा रहा है।