इसको लेकर कांग्रेस के पूर्व कानून मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि बीजेपी किसी भी हथकंडे का इस्तेमाल कर सकती है। हॉर्स ट्रेडिंग मंत्रियों के माध्यम से दबाव पैसों और ताकत का इस्तेमाल करके चुनाव प्रभावित करने का प्रयास किया जा सकता है। इसके बावजूद कांग्रेस पूरी निगाह बनाए हुए है और बीजेपी को सफलता नहीं लेने दी जाएगी।
बीजेपी के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही पार्टी आगे की रणनीति तय करेगी। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को पार्टी के अंदरूनी मतभेदों के रूप में बताया और कहा कि कमलनाथ दिग्विजय सिंह और अन्य नेताओं के बीच चल रही लड़ाई सामने आ रही है।
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें छोड़कर कोई भी उम्मीदवार हो सकता है और पार्टी तय करेगी कि किसे चुनाव में उतारा जाएगा। दिग्विजय सिंह के उम्मीदवार होने के सवाल पर जीतू ने कहा हो सकते हैं पार्टी निर्णय लेगी। मैं राज्यसभा चुनाव में खुद नहीं जाऊंगा। अध्यक्ष का पद गरिमा और जिम्मेदारी का है।
हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर जीतू पटवारी ने कहा कि यह देश के लिए चिंता का विषय है। उनका आरोप है कि बीजेपी सभी एजेंसियों का दुरुपयोग करती है और उनकी सोच राजतंत्र जैसी है। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे हर बार कांग्रेस पास होती आई है इस बार भी पार्टी राज्यसभा चुनाव में सफल होगी और परेशान होने की जरूरत नहीं है।
राज्यसभा चुनाव में कुल मिलाकर मध्यप्रदेश की राजनीति में बड़ी सियासी लड़ाई देखने को मिलने वाली है। दो सीटें बीजेपी की पक्की हैं लेकिन तीसरी सीट को लेकर मतदाता और नेताओं की रणनीति निर्णायक साबित होगी। कांग्रेस अपनी पूरी ताकत झोंक रही है ताकि हॉर्स ट्रेडिंग और दबाव के बावजूद तीसरी सीट पर जीत सुनिश्चित की जा सके।