घटना वाले दिन भी बिल्ली को रखने या न रखने के मुद्दे पर युवती का अपने माता-पिता से कड़ा विरोध हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि मानसिक रूप से आहत होकर युवती ने सुसाइड कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह समझने की कोशिश कर रही है कि क्या विवाद के पीछे कोई और गंभीर कारण था या महज पालतू जानवर का मुद्दा ही इस चरम कदम की वजह बना। एक होनहार डॉक्टर की इस तरह अचानक मौत से इलाके में शोक की लहर है और यह घटना मानसिक स्वास्थ्य और छोटी-छोटी बातों पर बढ़ते तनाव की ओर इशारा करती है।
हैरानी की बात यह है कि हैदराबाद में पालतू जानवरों से जुड़ी खुदकुशी का यह पिछले कुछ दिनों में दूसरा मामला है। इससे पहले 18 मार्च को भी शहर के मीरपेट इलाके से ऐसी ही एक घटना सामने आई थी, जहाँ एक 20 वर्षीय युवती ने अपनी पालतू बिल्ली की मौत से दुखी होकर आत्महत्या कर ली थी। पालतू जानवरों के प्रति अत्यधिक लगाव और फिर परिवार के साथ उपजे संघर्ष के कारण होने वाली ये मौतें समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।