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लिथियम से लेकर टाइटेनियम तक भारत की नई खनिज नीति से आत्मनिर्भरता को मिलेगा बल


नई दिल्ली:
देश की आर्थिक उन्नति और भविष्य की ऊर्जा परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है सोमवार से खनिज ब्लॉकों की नीलामी के सातवें चरण की शुरुआत होगी इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी और राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे द्वारा किया जाएगा। भारत के खान मंत्रालय के अनुसार यह नीलामी देश की खनिज सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए बेहद अहम मानी जा रही है
आज के समय में जब दुनिया स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत तकनीकों की ओर तेजी से बढ़ रही है तब लिथियम ग्रेफाइट दुर्लभ पृथ्वी तत्व टंगस्टन वैनेडियम और धातुओं जैसे खनिजों की मांग लगातार बढ़ रही है हालांकि इन खनिजों की उपलब्धता सीमित है और कुछ ही क्षेत्रों में केंद्रित होने के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बना रहता है।
46 खनिज ब्लॉकों की नीलामी कर चुकी है जिसे उद्योग जगत से पॉजिटिव रिएक्शन मिला है इससे यह संकेत मिलता है कि भारत के खनिज क्षेत्र में निवेश और भागीदारी बढ़ रही है सातवें चरण में इस रेट को जारी रखते हुए कई राज्यों में 19 नए ब्लॉक नीलामी के लिए पेश किए जाएंगे जिनमें स्वच्छ ऊर्जा उर्वरक और खनिज उद्योगों के लिए जरूरी खनिज शामिल हैं

नीलामी प्रक्रिया को ज्यादा उचित और असरदार बनाने के लिए सरकार ने नियमों में भी कई सुधार किए हैं 2025 और 2026 के संशोधनों के तहत प्रदर्शन सुरक्षा अग्रिम भुगतान और अन्य गतिविधियों को सरल बनाया गया है साथ ही बैंक गारंटी के विकल्प के रूप में बीमा गारंटी बॉन्ड की सुविधा भी दी गई है जिससे भारतीयों को आसानी होगी

यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन दो चरणों वाली उचित नीलामी प्रणाली के तहत आयोजित की जाएगी जिसमें उच्चतम बोली लगाने वाले को खनन का अधिकार मिलेगा इस पहल से न केवल देश की खनिज आपूर्ति मजबूत होगी बल्कि भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता भी वहीं

आने वाले समय में यह कदम भारत को स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत तकनीकों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है

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