इवेंट के दौरान भावुक होते हुए हार्दिक ने अपनी पुरानी यादों को ताजा किया। उन्होंने बताया कि किस तरह जब वह एक युवा खिलाड़ी के रूप में टीम में आए थे, तब मुंबई इंडियंस के कल्चर, जुनून और कड़ी मेहनत ने उन्हें संवारने में मदद की थी। हार्दिक के अनुसार, उनकी इच्छा केवल मैच जीतना नहीं है, बल्कि एक ऐसी विरासत (Legacy) छोड़ना है, जिस पर आने वाली पीढ़ियां गर्व कर सकें। उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि मुंबई इंडियंस का वह कल्चर हमेशा बना रहे, जहां खिलाड़ी आगे आएं, जी-तोड़ मेहनत करें और मैदान पर अपनी सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट का प्रदर्शन करें।” पांड्या का मानना है कि उनकी सफलता की पहचान उनके खेल के जुनून और कड़ी मेहनत से होनी चाहिए। वह चाहते हैं कि मुंबई इंडियंस न केवल अपनी जीत के लिए, बल्कि अपने जुझारू खेल और सकारात्मक टीम संस्कृति के लिए जानी जाए।
इतिहास पर नजर डालें तो मुंबई इंडियंस आईपीएल की सबसे सफल टीमों में से एक रही है। 2013 में पहले खिताब से शुरू हुआ यह सफर 2015, 2017, 2019 और 2020 की जीत के साथ पांच ट्रॉफियों तक पहुंचा। खुद हार्दिक पांड्या के पास भी पांच आईपीएल मेडल हैं, जिनमें से चार उन्होंने मुंबई इंडियंस के साथ जीते हैं और एक ऐतिहासिक जीत उन्होंने 2022 में अपनी कप्तानी में गुजरात टाइटन्स को दिलाई थी। अब वह उसी जादू को मुंबई इंडियंस की जर्सी में दोहराना चाहते हैं। हालिया टी20 विश्व कप की जीत ने भी हार्दिक के आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। उस विश्व विजेता टीम के चार मुख्य सदस्य-सूर्यकुमार यादव, जसप्रीत बुमराह, तिलक वर्मा और खुद हार्दिक-मुंबई इंडियंस का हिस्सा हैं, जो इस टीम को कागजों पर बेहद मजबूत बनाता है।
फैंस के साथ बातचीत के दौरान हार्दिक ने वानखेड़े स्टेडियम के उस अद्भुत माहौल का भी जिक्र किया, जो भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए सेमीफाइनल के दौरान देखा गया था। उन्होंने मुंबई के फैंस यानी ‘MI पल्टन’ को टीम की असली ताकत बताया। हार्दिक ने कहा कि फैंस टीम की आवाज होते हैं और जब वे पूरे जोश के साथ स्टेडियम में मौजूद होते हैं, तो खिलाड़ियों का हौसला दोगुना हो जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी सीजन में भी फैंस इसी तरह टीम के साथ हर अच्छे और बुरे वक्त में खड़े रहेंगे। कुल मिलाकर, हार्दिक पांड्या ने यह साफ कर दिया है कि आईपीएल 2026 उनके लिए सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि अपनी कप्तानी और विरासत को नए सिरे से परिभाषित करने का एक सुनहरा अवसर है।