केंद्र में किशोरियों से लेकर वयस्क महिलाओं तक की 100 से अधिक रोगों की जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। ग्राउंड फ्लोर और ऊपरी मंजिलों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया गया है। विशेष रूप से मेनोपॉज और हार्मोनल असंतुलन की समस्याओं के लिए परामर्श और उपचार की व्यवस्था की गई है।
इन्फर्टिलिटी के मामलों में पीसीओएस फाइब्रॉइड हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याओं की जांच आधुनिक तकनीकों के माध्यम से होगी। गर्भधारण में आ रही समस्याओं का समाधान आईयूआई जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से किया जाएगा। साथ ही वीआईए तकनीक के जरिए सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान संभव होगी जिससे समय रहते इलाज किया जा सके।
सेंटर में केगेल चेयर के जरिए पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों को मजबूत करने का इलाज होगा। कोलपोस्कोप मशीन से गर्भाशय ग्रीवा और संबंधित अंगों की गहन जांच संभव होगी। लेजर मशीन के माध्यम से सिस्ट मेनोपॉज और यूरीन लीक जैसी बीमारियों का इलाज आसान होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार यह केंद्र केवल इलाज तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि महिलाओं में रोगों की रोकथाम और शुरुआती पहचान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बदलती जीवनशैली और खराब आदतों के कारण महिलाओं में कई स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं खासकर पीसीओएस जैसी बीमारियां।
डॉ. रचना दुबे ने बताया कि सेंटर में जागरूकता और शिक्षा कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। किशोरियों और महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देना और समय पर जांच कराना केंद्र का मुख्य उद्देश्य रहेगा।
कुल मिलाकर काटजू अस्पताल का यह नया शक्ति केंद्र मध्यभारत में महिला स्वास्थ्य सेवाओं में एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है जहां अब मेनोपॉज से लेकर इन्फर्टिलिटी और कैंसर तक का इलाज आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में एक ही छत के नीचे संभव होगा।