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नवरात्रि का छठा दिन ऐसे करें मां कात्यायनी की आराधना हर बाधा होगी दूर और मनोकामना होगी पूर्ण

नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि का छठा दिन मां दुर्गा के शक्तिशाली स्वरूप मां कात्यायनी को समर्पित होता है और वर्ष 2026 में यह पावन दिन 24 मार्च को मनाया जाएगा धार्मिक ग्रंथों में मां कात्यायनी को आदिशक्ति का तेजस्वी और पराक्रमी रूप बताया गया है इनकी उपासना करने से भक्तों को साहस शक्ति और हर प्रकार की बाधाओं से मुक्ति मिलती है साथ ही जीवन में विजय और सफलता का मार्ग भी प्रशस्त होता है

मां कात्यायनी का स्वरूप अत्यंत दिव्य और प्रभावशाली माना जाता है उनका वर्ण स्वर्ण के समान चमकीला होता है और वे सिंह पर सवार रहती हैं उनके चार हाथों में तलवार कमल अभय मुद्रा और वर मुद्रा सुशोभित होती हैं पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महर्षि कात्यायन की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया था इसी कारण उन्हें कात्यायनी कहा जाता है यह देवी दानवों का संहार करने वाली और धर्म की रक्षा करने वाली मानी जाती हैं

नवरात्रि के इस दिन पूजा करने के लिए प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ लाल या नारंगी रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए इसके बाद पूजा स्थान को साफ कर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर मां कात्यायनी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें पूजा में कुमकुम रोली अक्षत चंदन और गेंदा जैसे नारंगी फूल अर्पित करें एक पान चढ़ाकर अपनी मनोकामना मां के सामने व्यक्त करें और घी का दीपक तथा अगरबत्ती जलाकर विधिपूर्वक पूजा करें इसके बाद मां की कथा सुनना या पढ़ना और आरती करना शुभ माना जाता है

मां कात्यायनी को शहद विशेष रूप से प्रिय माना जाता है इसलिए इस दिन शहद का भोग अवश्य लगाना चाहिए इसके अलावा हलवा खीर मीठा पान और मौसमी फल भी अर्पित किए जा सकते हैं भोग हमेशा सात्विक होना चाहिए और लहसुन प्याज से परहेज करना चाहिए भोग लगाने के बाद प्रसाद को सभी में बांटना चाहिए इससे घर में सुख शांति और समृद्धि बनी रहती है

मंत्र जाप का इस दिन विशेष महत्व होता है मां कात्यायनी के मूल मंत्र ॐ देवी कात्यायन्यै नमः का 108 या 1008 बार जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है इसके साथ ही प्रार्थना और स्तुति मंत्रों का उच्चारण भी किया जा सकता है मंत्र जाप करते समय मन को एकाग्र रखना चाहिए और माला का उपयोग करना लाभकारी होता है इससे मानसिक शक्ति बढ़ती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा करने से भय शत्रु और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है जो जीवन में साहस और आत्मविश्वास की कमी महसूस करते हैं विवाहित महिलाओं के लिए यह पूजा सौभाग्य और सुख समृद्धि प्रदान करने वाली मानी जाती है

इस दिन कुछ विशेष उपाय भी किए जा सकते हैं जैसे मां को नारंगी फूलों की माला अर्पित करना शहद का दान करना और पूरे दिन मां के मंत्रों का जाप करना इन उपायों से माता रानी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली सभी बाधाएं धीरे धीरे समाप्त होने लगती हैं पूरी श्रद्धा और नियम के साथ मां कात्यायनी की पूजा करने से भक्तों को न केवल आध्यात्मिक शक्ति मिलती है बल्कि जीवन में सफलता और संतुलन भी प्राप्त होता है

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