जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए पाया कि कुछ अराजक तत्व एआई टूल्स का दुरुपयोग कर अभिनेत्री की अश्लील और आपत्तिजनक तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहे हैं। अदालत ने कड़े शब्दों में कहा कि इस तरह के कंटेंट से न केवल अभिनेत्री की प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुँच रही है, बल्कि यह उनकी निजता का भी गंभीर उल्लंघन है। इसी के मद्देनजर, कोर्ट ने आदेश जारी किया है कि अभिनेत्री से जुड़े ऐसे सभी पहचाने गए आपत्तिजनक यूआरएल URLs को आदेश मिलने के मात्र 36 घंटों के भीतर इंटरनेट से पूरी तरह हटा दिया जाए।
सोनाक्षी सिन्हा ने अपनी याचिका में कई प्रतिवादियों को नामित किया था, जिनमें अमेरिका स्थित एआई चैटबॉट प्लेटफॉर्म और विभिन्न ई-कॉमर्स वेबसाइटें शामिल हैं। याचिका में आरोप लगाया गया था कि ये संस्थाएं ‘जॉन डो’ अज्ञात संस्थाओं के साथ मिलकर अभिनेत्री की आवाज और रूप का गलत तरीके से शोषण कर अनुचित व्यावसायिक लाभ कमा रही हैं। कोर्ट ने माना कि किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके व्यक्तित्व का अभिन्न हिस्सा है और उसकी सहमति के बिना इसका उपयोग करना गैर-कानूनी है।
दिलचस्प बात यह है कि सोनाक्षी सिन्हा का यह मामला फिल्म जगत में एक बड़ी मुहिम की शुरुआत माना जा रहा है। इसी कड़ी में, दिग्गज मलयालम अभिनेता मोहनलाल ने भी अपने पहचान अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने भी अपनी अर्जी में मांग की है कि उनकी फोटो और आवाज का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना कमाई के लिए न किया जाए। इस मामले पर भी जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ मंगलवार को सुनवाई कर सकती है। डिजिटल दौर में कलाकारों की सुरक्षा के लिहाज से ये कानूनी कदम मील का पत्थर साबित होंगे।