Mahakaushal Times

बीजेपी पार्षद पर हमला करने का आरोपः बिजली कर्मचारियों से मारपीट, गाड़ी में तोड़फोड़ से हड़कंप


सिंगरौली । मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में एक बार फिर जनप्रतिनिधि की दबंगई का मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र के कचनी मोड़ पर हुई इस घटना ने बिजली विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। आरोप है कि बीजेपी पार्षद संतोष शाह ने अपने साथियों के साथ मिलकर बिजली विभाग की मेंटेनेंस टीम पर हमला करवा दिया, जिसमें न केवल कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई बल्कि विभागीय वाहन को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

बताया जा रहा है कि बिजली विभाग की टीम नियमित मेंटेनेंस कार्य के लिए क्षेत्र में पहुंची थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा। आरोप है कि पार्षद के इशारे पर मौजूद लोगों ने टीम को घेर लिया और उनके साथ अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान विभाग की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए और मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया।

घटना के बाद किसी तरह कर्मचारी वहां से अपनी जान बचाकर निकले और सीधे कोतवाली थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे थे, लेकिन उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया वह बेहद निंदनीय और अस्वीकार्य है। उन्होंने इस पूरे मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

इस घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में भारी रोष है। कर्मचारियों ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे काम बंद आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इससे न केवल सिंगरौली जिले की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, बल्कि आम जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि ही कानून को हाथ में लेंगे तो आम कर्मचारियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

यह घटना न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी कामकाज में लगे कर्मचारियों को कई बार किस तरह के दबाव और जोखिम का सामना करना पड़ता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है, ताकि कर्मचारियों में विश्वास बहाल हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

MADHYA PRADESH WEATHER

आपके शहर की तथ्यपूर्ण खबरें अब आपके मोबाइल पर