बचपन से ही दिखा था गोल्फ का जुनून
29 मार्च 1998 को बेंगलुरु में जन्मे अजित अशोक ने बहुत कम उम्र में ही गोल्फ को अपना लक्ष्य बना लिया था। ऐसे खेलों को सूचीबद्ध करें, जो भारत में सबसे लोकप्रिय नहीं है, आप में बड़ा निर्णय था। लेकिन उनके माता-पिता ने उनके साथ हर कदम उठाया। 12 साल की उम्र में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और 13 साल की उम्र में पहला खिताब जीता, अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
जूनियर से प्रोफेशनल तक का शानदार सफर
एडिट ने 2012, 2013 और 2014 में कॉन्स्टेंटाइन थ्री बार नेशनल जूनियर चैंपियनशिप का इतिहास रचा। 2015 में लेडीज ब्रिटिश एमेच्योर स्ट्रॉक प्ले चैंपियनशिप के बाद उन्होंने 2016 में प्रोफेशनल प्रोफेशनल्स की शुरुआत की। इसी साल उन्होंने वीमेंस इंडियन ओपन मेमोरियल लेडीज यूरोपियन टूर खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। इसके बाद उन्होंने कतर लेडीज ओपन में भी जीत दर्ज कर अपनी पहचान और मजबूती की।
अंतर्राष्ट्रीय मंच पर लगातार डेमोक्रेटिक प्रदर्शन
एडिथ अशोक ने लेडीज़ यूरोपियन टूर और रेस्टॉरेंट टूर में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। 2017 में उन्होंने चैलेंज वाली भारत की दूसरी खिलाड़ी बनीं और ‘रूकी ऑफ द ईयर’ रैंकिंग में भी शानदार स्थान हासिल किया। 2018 और 2019 में भी उन्होंने कई टूर्नामेंटों में लगातार कट हासिल करते हुए अपनी स्थिरता साबित की।
टोक्यो ओलिंपिक में इतिहास रचने से चूक गई, लेकिन दिल जीत गई
टोक्यो ओलंपिक 2020 मेंआदित्य अशोक ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। वह पदक जीतने के बेहद करीब पहुंच गया, लेकिन अंत में चौथे स्थान पर पहुंच गया। हालाँकि पदक नहीं मिला, लेकिन उनके प्रदर्शन ने करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया और उन्हें नई पहचान दिलाई।
भारत में गोल्फ को लक्जरी नई पहचान
एडल्ट की यात्रा केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं है। वे भारत में गोल्फ जैसे खेल को नई पहचान देते हैं। आज कई युवा खिलाड़ी अपने आदर्श आदर्श इस खेल में रुचि पैदा करने की सोच रहे हैं। क्रिकेट के बीच गोल्फ को जगह देना उनकी सबसे बड़ी पेशकश में से एक है।
निरंतर आगे तेज़ प्रेरणादायक कहानी
अदिति अशोक आज भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश में हैं। उनकी यात्रा यह बताती है कि अगर जुनून और मेहनत हो, तो कोई भी खेल में दुनिया के मंच पर पहचान बना सकता है।