अगर पिच की बात करें तो गुवाहाटी की यह सतह लाल मिट्टी से बनी है, जो आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए काफी अनुकूल मानी जाती है। शुरुआत में पिच सपाट रहती है, जिससे बल्लेबाज खुलकर शॉट खेल सकते हैं और बड़े स्कोर बनने की पूरी संभावना रहती है। ऐसे में टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों के लिए यह मैच खास साबित हो सकता है।
हालांकि, मैच जैसे-जैसे आगे बढ़ता है, ओस का असर देखने को मिल सकता है। शाम के समय पिच परिमेय आने लगता है, जिससे गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिलने लगती है। खासकर तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों के लिए बदल सकते हैं। यही वजह है कि टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करने का फैसला ले सकती है, ताकि दूसरी पारी में ओस का फायदा उठाया जा सके।
हेड-टू-हेड आंकड़ों पर नजर डालें तो दोनों टीमों के बीच अब तक 31 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें राजस्थान रॉयल्स ने 15 और चेन्नई सुपर किंग्स ने 16 मैच जीते हैं। यह आंकड़ा बताता है कि दोनों टीमों के बीच मुकाबला हमेशा कांटे का रहता है और इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल सकता है।
टीम कॉम्बिनेशन की बात करें तो राजस्थान की कप्तानी रियान पराग के हाथों में है, जबकि चेन्नई की दावेदार रुतुराज गायकवाड़ कर रहे हैं। दोनों टीमों में कई मैच विनर खिलाड़ी मौजूद हैं, जो किसी भी समय मैच का रुख बदल सकते हैं।
कुल मिलाकर, गुवाहाटी की यह पिच बल्लेबाजों को शुरुआत में खुलकर खेलने का मौका देगी, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, गेंदबाज भी अपनी भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे में यह मुकाबला संतुलित रहने की पूरी उम्मीद है और फैंस को एक रोमांचक मैच देखने को मिल सकता है।