डिस्काउंट से छूट एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट
ग़ौरतलब के अनुसार, एन कंपनी ने एक्स्प्रेशन ऑफ़ इंटरेस्ट (ईओआई) में एक अन्जर्थी को संदेश भेजने की मांग की है। उन पैराग्राफ में बताया गया है कि जो अपने कुछ या सभी शेयर आई को सोखने की चाहत रखते हैं। ईओआई फॉर्म और संबंधित दस्तावेज भी दस्तावेजों के साथ साझा किए गए हैं, जिसमें ओ एफओ के माध्यम से भाग लेने के आवास और ढांचे को स्पष्ट किया गया है।
विपक्ष को बताया गया है कि वे 27 अप्रैल, शाम 5 बजे तक अपनी प्रतिक्रिया जमा कर लें, जिसमें वे आई अध्ययन में भाग लेने की अपनी इच्छा व्यक्तित्व कर योग्यता। इसमें उल्लेख किया गया है, “एक शेयरधारक के रूप में आप अपने होल्डिंग के कुछ या सभी निजी शेयर आई संदेश को बिक्री के लिए पेश कर सकते हैं, जो ओ फ़ेस नोटिस में शेयरधारकों के स्वामित्व में दिए जाएंगे।”
बड़ी संख्या में मर्चेंट बैंकर्स की दुकानें
एनएससी ने इस ग्रुप आई को 20 मर्चेंट बैंकर नियुक्त करने के लिए नियुक्त किया है। यह किसी भी भारतीय सार्वजनिक इश्यू में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। इस सूची में कोटक महिंद्रा कैपिटल, एलसीडी कैपिटल मार्केट्स, जापान मॉर्गन, और सिटीग्रुप जैसे बड़े निवेश बैंक शामिल हैं। इसके अलावा, एक्सचेंज ने आठ लॉ फर्मों को भी नियुक्त किया है। इसमें घरेलू फर्म सिरिल अमरचंद मंगलदास, ट्राइलीगल और अमेरिका की लैथम एंड वॉटकिंस शामिल हैं। अन्य मध्यस्थों में आई.एस.आई. सेवा फर्म, एफ़जी इंटिमेटी और कंसल्टेंसी फर्म रेडसीर भी शामिल हैं।इससे पहले 2025 में एसोसिएटेड प्रूडेंसियल एएमसी के आई डिपो में 18 बुक रनर शामिल थे, जो उस समय भारत का सबसे बड़ा रिकॉर्ड था।
सेबी से मंजूरी और बिक्री की नई दिशा
जनवरी 2026 में सेबी (भारतीय सिक्योरिटीज और इलेक्ट्रॉनिक्स बोर्ड) में एनएससी को अपनी लैपटॉप आई के लिए मंजूरी मिल गई है। उस समय एन सोसाइटी के चेयरपर्सन श्रीनिवास इंजेती ने कहा था कि यह एक बड़े मील का पत्थर है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी हितधारकों के लिए वैल्यू क्रिएशन का नया अध्याय शुरू होगा।
इस प्रक्रिया के तहत एनएसआई एसआई सिपहसालार से पहले विक्रेता डीलरों की पहचान की जा रही है, जिससे दीक्षा के समय प्रक्रिया को धीरे-धीरे और अंतिम चरण में रखा जा सके।
एनएससी का आईपीओ भारतीय वित्तीय बाजार में नई दिशा और उद्यम के लिए अवसर लेकर आएं। 27 अप्रैल तक उपदेश की प्रतिक्रिया के बाद ही ओ फ़ेस के तहत उनकी भागीदारी तय होगी। विशेषज्ञ के अनुसार, यह कदम न केवल मूल्यांकन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय शेयर बाजार के विकास में भी मील का पत्थर साबित होगा।