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अश्विनी वैष्णव का ऐलान: भारत में प्रोडक्ट डिज़ाइन न करने वाली इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को नहीं मिलेगा सरकारी लाभ


नई दिल्ली केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी सचिव अश्विनी वैष्णव ने साफ कर दिया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी स्कॉबी (ईएमएस) के तहत सरकारी प्रोत्साहन केवल तभी आवश्यक है, जब वे भारत में निवेश पोर्टफोलियो से उत्पाद डिजाइन करेंगे।

सरकार का फोकस: डिजाइन, गुणवत्ता और इंजीनियरिंग

वैष्णव ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि अब सरकारी सहायता और प्रोत्साहन इस बात पर निर्भर है कि देश में डिजाइन, गुणवत्ता और इंजीनियरिंग इंजीनियरिंग को कितना विकसित किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर एंटरप्राइज़ सरकार की चार प्रमुख पार्टियों पर काम नहीं किया गया, तो अगली असेंबली असेंबली में उन्हें भी शामिल नहीं किया जाएगा। मंत्री ने कहा,
अगर एंटरप्राइज़ कंपनियों के कहे अनुसार कदम नहीं उठाया जाता है, तो हम आगे की मंजूरी और फंडिंग रोक सकते हैं।”

असेंबली नहीं, संपूर्ण डिज़ाइन क्षमता आवश्यक

मंत्री ने स्पष्ट किया कि कंपनी को केवल असेंबली या फैक्ट्री मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें कॉन्सेप्चुअल डिज़ाइन, इंजीनियरिंग डिज़ाइन और विनिर्माण डिज़ाइन तक अपनी क्षमता में सुधार करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पहले से स्वीकृत प्राप्त प्रोजेक्ट्स में भी अगर रिज़र्वेशन पूरी तरह से नहीं था, तो फंड जारी नहीं किया जाएगा।
“जिन एप्लायंस को मंजूरी दे दी गई है, उन्हें भी हमने पैसा नहीं दिया अगर हमारी मांग पूरी नहीं हुई।”

ईसीएमएस में निवेश और मंजूरी का अपडेट

मंत्रालय ने ईसीएमएस के चौथे चरण में 29 आवेदनों को मंजूरी दी है, जिसमें कुल 7,104 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है।
ईसीएमएस के तहत कुल निवेश का लक्ष्य 59,350 करोड़ रुपये था, जबकि अब तक 61,671 करोड़ रुपये के प्रस्ताव रखे जा चुके हैं।
वैष्णव ने कहा कि असली उत्पाद समान दिखते हैं, जब उत्पाद डिजाइन भारत में किया जाता है। मैन्युफैक्चरिंग करना जरूरी है, लेकिन अधिक कॉम्प्लेक्स और डिजाइन प्रक्रिया के कारण डिजाइन करना भी महत्वपूर्ण है।

ग्लोबल क्वालिटी और मॉडल मैनपावर पर जोर

मंत्री ने वैश्वीकरण मानक पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर की गुणवत्ता के लिए सिक्स सिग्मा जैसी सोया का पालन जरूरी है।
उन्होंने कहा, ”इसके बिना उत्पाद पूरे नहीं माने जाएंगे।’ इसके अलावा, उन्होंने सरकार के फोकस को भी स्थापित, स्थिर और तटस्थ रखा। वैष्णव ने इंडस्ट्री से यह भी अपील की कि वे स्टोल्ड मैनपावर तैयार करने पर ध्यान दें। सरकार पूरे इकोसिस्टम को सहयोग प्रदान करती है, लेकिन सरकार खुद आगे डिजाइन और इंजीनियरिंग में कुशल प्रतिभा तैयार करना चाहती है।

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