शिमला। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. एक तरफ अटल टनल (Atal Tunnel) के पास हिमस्खलन (एवलांच) (Avalanche) का खतरा बढ़ गया है, वहीं दूसरी ओर राज्य के कई जिलों में ओलावृष्टि और तेज आंधी-बारिश (Hailstorm and Heavy storm – Rain) को लेकर ओरेन्ज अलर्ट जारी किया गया है. लाहौल-स्पीति प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल के आसपास पर्यटकों और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
प्रशासन के मुताबिक, टनल के पास बाईं ओर की पहाड़ियां, आसपास का इलाका, चंद्रा ब्रिज और उससे जुड़ा क्षेत्र हिमस्खलन के लिहाज से बेहद संवेदनशील हो गया है. हाल के दिनों में यहां पर्यटकों की भीड़ और अनधिकृत गतिविधियां बढ़ी हैं, जिससे जान-माल का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है।
जिला प्रशासन ने साफ आदेश दिया है कि इन संवेदनशील इलाकों में पर्यटकों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. साथ ही ठेले-फेरी, अस्थायी दुकानें, फोटो प्वाइंट और किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधियों पर भी रोक लगा दी गई है, ताकि आपात स्थिति में राहत और ट्रैफिक प्रबंधन में कोई बाधा न आए।
इधर शिमला समेत आसपास के इलाकों में शुक्रवार को ओलावृष्टि, बारिश और तेज हवाओं ने मौसम को बिगाड़ दिया. मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए ओरेन्ज अलर्ट जारी किया है, जहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना है।
इसके अलावा ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए 3 और 4 अप्रैल को येलो अलर्ट जारी किया गया है. वहीं 5 और 6 अप्रैल को भी कई जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है. 7 अप्रैल को राज्य के ज्यादातर मैदानी जिलों में भी ऐसा ही मौसम बना रह सकता है.
मौसम विभाग के अनुसार 3 से 6 अप्रैल के बीच मनाली, कुफरी, नारकंडा, सोलंग वैली और सिस्सू जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है. इसके पीछे सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर बताया गया है. मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि 7 से 9 अप्रैल के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य में व्यापक स्तर पर बारिश और बर्फबारी देखने को मिल सकती है, जिससे ठंड और बढ़ेगी और जनजीवन प्रभावित हो सकता है.