Mahakaushal Times

तू मस्त-ए-कैलाश…. युद्ध के बीच ईरानी भाषा में शिवजी का भवन हुआ वायरल…


तेहरान।
मिडिल ईस्ट (Middle East) में वॉर के बीच ईरानी भाषा (Iranian language) के कुछ गाने चर्चा में है। यहां हम जिस गाने का जिक्र कर रहे हैं वो शंकरजी का भजन (Shankarji’s hymn) है। इसका टाइटल है, ‘मस्त-ए-कैलाश’। इस गाने में ईरान के कुछ लोग शिव मंदिर में पूजा करते दिख रहे हैं। कई पुरानी तस्वीरें दिख रही हैं। गायिका ने बहुत प्यारी आवाज में इसे गाया है। इसे यूट्यूब पर बियॉन्ड कॉन्शियस (Beyond Conscious on YouTube) पर देखा जा कता है। इसमें चैतन्य शर्मा को क्रेडिट दिया गया है। भजन ईरानी भाषा में है और इसमें शंकरजी की तारीफ की गई है।


गाने में कई पुरानी तस्वीरें

गाने की शुरुआत में एक स्टिल इमेज दिखती है जिसमें एक परिवार एक मंदिर में शिवलिंग की पूजा कर रहा है। इसके बाद कई शिवलिंग, पुराने मंदिर, नंदी की आकृति दिखती है। गाने के बोल हैं, तू जोगी ये कैलाश, तू मस्त ए कैलाश, ऐ शंकरा, ऐ शंकरा। यहां देखें गाना


गाने की लिरिक्स

तू जोगी-ये कैलाश, तू मस्त-ए-कैलाश
ऐ शंकरा, ऐ शंकरा
आतिश-ए-हक, ऐ शंकरा
तू जोगी-ये कैलाश, तू मस्त-ए-कैलाश
जहर-ए-जहां नुशीदी, फिदा-ये-जहां
खाक-ए-भसम पुशीदी, ऐ जान-ए-जहां
माह-ए-शब बर सर-ए-तू मी-दरखशद
सदा-ये डमरू दर आसमां मी-रक्सद
ऐ नीलकंठ, ऐ शंकरा
आतिश-ए-हक, ऐ शंकरा
तू जोगी-ए कैलाश, तू मस्त-ए-कैलाश
मार-ए-सियाह दर गरदनात ख्वाबिदा
चश्म-ए-सेव्वम, रोशन ओ बीदारिदा
अज सिंधु ता पार्स, येक ही खुदा
ओम नमः शिवाय, या महादेवा
तू मस्त-ए-कैलाश…
ऐ शंकरा…
हक शिवा, हक शिवा
मस्त-ए-मस्त-ए-मस्त-ए-शिवा
हक शिवा, हक शिवा
आतिश दर जां, आतिश दर रूह
तू कोह-ए-कैलाश, तू अजीम कोह
रक्स-ए-तांडव, दर इन आलम
भसम-ए-पाक, ऐ महादेवाम
ऐ नीलकंठ, ऐ शंकरा
ओम नमः शिवाय, या शंकरा
तू जोगी-ये कैलाश, तू मस्त-ए-कैलाश
या महादेव…


समझें गाने का हिंदी मतलब

आप कैलाश के योगी हैं, आप कैलाश के मस्त प्रभु हैं।
हे शंकर, हे शंकर
सत्य की अग्नि हैं आप, हे शंकर
आप कैलाश के योगी हैं, आप कैलाश के आनंदमय प्रभु हैं।
आपने संसार के विष को पी लिया, संसार के लिए एक महान बलिदान।
आपने पवित्र भस्म धारण की, हे जगत की आत्मा।
रात का चांद आपके मस्तक पर चमकता है,
डमरू की ध्वनि आकाश में नृत्य करती है।
हे नीलकंठ! हे शंकर!
सत्य की अग्नि हैं आप, हे शंकर!
आप कैलाश के योगी हैं, आप कैलाश के आनंदमय प्रभु हैं।
काला नाग आपकी गर्दन पर विश्राम करता है,
तीसरी आंख जागृत और प्रकाशमान है।
सिंध से लेकर पर्शिया (ईरान का पुराना नाम) तक एक ही दिव्यता है,ओम नमः शिवाय! हे महादेव!
आप कैलाश के आनंदमय प्रभु हैं…
हे शंकर…
सत्य ही शिव है! सत्य ही शिव है!
आनंदमय, आनंदमय, आनंदमय हैं शिव!
सत्य ही शिव है! सत्य ही शिव है!
आत्मा में अग्नि! चेतना में अग्नि!
आप ही कैलाश हैं, आप ही महान पर्वत हैं!
इस जगत में तांडव का नृत्य!
हे मेरे महादेव, पवित्र भस्म के स्वामी!
हे नीलकंठ! हे शंकर!
ओम नमः शिवाय! हे शंकर!
आप कैलाश के योगी हैं, आप कैलाश के आनंदमय प्रभु हैं।
हे महादेव…

यूट्यूब पर यह गाना Beyond Conscious चैनल पर है। इस पर शिवजी के कई और भी भजन हैं।

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