ज्वार का आटा गर्मियों के लिए बेहद उपयुक्त माना जाता है। आयुर्वेद विशेषज्ञ बताते हैं कि ज्वार की तासीर ठंडी होती है और यह ग्लूटेन-फ्री होने के कारण आसानी से पच जाता है। यह पाचन को बेहतर बनाता है और कब्ज से राहत दिलाता है। इसलिए गर्मियों में इसे लंच में शामिल करना फायदेमंद होता है।
रागी का आटा अक्सर सर्दियों में खाने के लिए सुझाया जाता है लेकिन यदि इसे सीमित मात्रा में या अन्य ठंडे आटों के साथ मिलाकर लिया जाए तो यह कब्ज के लिए रामबाण साबित होता है। रागी में कैल्शियम और फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं जो हड्डियों के स्वास्थ्य के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी मजबूत करते हैं।
चावल के आटे की रोटी भी गर्मियों में शरीर को ठंडक देने वाली मानी जाती है। इसकी तासीर ठंडी होने के कारण यह आसानी से पचती है और पेट को लंबे समय तक भरा रखती है। इसके अलावा यह हल्की और स्वादिष्ट होती है जिससे लंच या डिनर में इसे शामिल करना आरामदायक होता है।
चने का आटा जिसे सत्तू के नाम से भी जाना जाता है प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत है। इसकी तासीर ठंडी होती है और यह शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है। साथ ही यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और बाउल मूवमेंट को नियमित करता है जिससे पेट हल्का रहता है।
ओट्स का आटा गर्मियों में नाश्ते के लिए बेहतरीन विकल्प है। इसमें मौजूद बीटा-ग्लूकन नामक फाइबर पाचन तंत्र को साफ रखता है और शरीर से गंदगी बाहर निकालने में मदद करता है। ओट्स की रोटी खाने से ऊर्जा लंबे समय तक बनी रहती है और शरीर हल्का महसूस होता है।
सिंघाड़े का आटा भी गर्मियों के लिए उपयुक्त माना जाता है। सिंघाड़ा पानी में उगता है इसलिए इसकी तासीर ठंडी होती है। इसमें कम कैलोरी और उच्च फाइबर होता है जिससे यह पेट को हल्का रखता है और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता। यह रोटियां खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद हैं जो गर्मियों में हल्का और ताजगी भरा भोजन चाहते हैं।
संक्षेप में गर्मियों में ज्वार रागी चावल चने और सिंघाड़े के आटे की रोटियां शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ पाचन ऊर्जा और हाइड्रेशन में मदद करती हैं। इन रोटियों को नियमित रूप से शामिल करने से आप पूरे दिन चुस्त-तंदुरुस्त और स्वस्थ महसूस करेंगे।