यात्रा के दौरान स्टॉकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। उनके साथ ऑस्ट्रिया के कई मंत्री और कारोबारी प्रतिनिधि भी आएंगे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार यह स्टॉकर की पहली एशिया यात्रा होगी। इस दौरान दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करने तथा बहुपक्षीय मंचों पर साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।
पहले भी हुई उच्चस्तरीय मुलाकात
साल 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रिया का दौरा किया था। उस दौरान दोनों देशों ने संबंधों को नई दिशा देने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी।
दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध 1949 में स्थापित हुए थे। 1970 के दशक में ऑस्ट्रिया के नेता ब्रूनो कैरिस्की की भारत यात्रा के बाद रिश्तों में नई गति आई। हाल के वर्षों में मशीनरी, इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल, स्टील, मेटल और केमिकल क्षेत्र में सहयोग बढ़ा है।
इसके अलावा दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में भी साथ काम करने पर सहमत हो चुके हैं। यह यात्रा इन सहयोगों को और आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।