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डॉक्टर ने जताई जान का खतरा, पुलिस से मांगी सुरक्षा, आरोपी सलाखों के पीछे!


नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Dewas में सामने आए ब्लैकमेलिंग मामले ने तूल पकड़ लिया है। शहर के कई डॉक्टर एकजुट होकर कोतवाली थाने पहुंचे और पुलिस से सुरक्षा की मांग की। डॉक्टरों का कहना है कि एक महिला डॉक्टर का वीडियो वायरल होने के बाद कुछ असामाजिक तत्व उन्हें परेशान करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

पुलिस ने दिया सुरक्षा का भरोसा

सीएसपी Sumit Agrawal ने बताया कि डॉक्टरों ने आवेदन देकर अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद कुछ लोग माहौल का गलत फायदा उठाकर डॉक्टरों को परेशान कर रहे हैं। पुलिस ने उन्हें हर संभव सुरक्षा देने का आश्वासन दिया है।

7 आरोपियों पर केस, 5 गिरफ्तार

कोतवाली पुलिस ने इस मामले में सात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोप है कि ये लोग मरीज बनकर डॉक्टरों से संपर्क करते थे, स्टिंग ऑपरेशन करते थे और फिर ब्लैकमेलिंग करते थे। अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

रेलवे स्टेशन से दबोचे गए आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों में पटियाला निवासी Vinay Arora और उसकी साथी Rajni Bhatia शामिल हैं, जिन्हें देवास रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया। दोनों को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके अलावा एक आरोपी पुलिस रिमांड पर है, जबकि एक महिला और एक अन्य आरोपी को जेल भेजा जा चुका है।

महिला डॉक्टर का लाइसेंस रद्द, अस्पताल सील

मामले में कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने महिला डॉक्टर Charu Tiwari के नर्सिंग होम का लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। इसके बाद तहसीलदार सपना शर्मा की मौजूदगी में मेडिकल टीम ने अस्पताल पहुंचकर परामर्श कक्ष, ऑपरेशन थिएटर और वार्ड को सील कर दिया।

देवास ब्लैकमेलिंग मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। पुलिस जहां आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी है, वहीं डॉक्टरों की सुरक्षा और मेडिकल सिस्टम की साख बनाए रखना भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

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