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शूटिंग के दौरान गंभीर रूप से जल गई थी शिल्पा शेट्टी की पीठ और असहनीय था दर्द।


नई दिल्ली । भारतीय फिल्म उद्योग में अपनी फिटनेस और समर्पण के लिए पहचानी जाने वाली लोकप्रिय अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने हाल ही में अपने करियर के एक चुनौतीपूर्ण और दर्दनाक अनुभव को साझा किया है। एक फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई दुर्घटना को याद करते हुए अभिनेत्री ने बताया कि किस तरह पीठ बुरी तरह जल जाने के बावजूद उन्होंने अगले दिन काम पर लौटने का निर्णय लिया। यह घटना उस समय की है जब एक दृश्य को फिल्माते समय सुरक्षा चूक के कारण उनकी पीठ पर गंभीर घाव हो गए थे। इस खुलासे ने फिल्म निर्माण के पीछे के संघर्ष और कलाकारों द्वारा पर्दे के पीछे झेली जाने वाली शारीरिक तकलीफों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

शिल्पा शेट्टी ने बताया कि वह चोट इतनी गंभीर थी कि उनके लिए सामान्य रूप से कपड़े पहनना भी लगभग असंभव हो गया था। पीठ पर पड़े घावों और जलन की वजह से वह अपनी निर्धारित वेशभूषा या कोई भी तंग पोशाक नहीं पहन पा रही थीं। इसके बावजूद उन्होंने शूटिंग रोकने के बजाय पेशेवर जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी। उन्होंने बताया कि किस तरह टीम ने उनके घावों को ध्यान में रखते हुए वेशभूषा में बदलाव किए और शूटिंग को जारी रखा। अभिनेत्री का यह साहस दर्शाता है कि ग्लैमर की दुनिया में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल अभिनय ही नहीं बल्कि अत्यधिक धैर्य और सहनशक्ति की भी आवश्यकता होती है।

अभिनेत्री ने उस कठिन समय को याद करते हुए कहा कि अगले दिन सेट पर पहुंचना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी। घाव ताजे थे और दर्द असहनीय था लेकिन फिल्म के शेड्यूल और पूरी टीम के समय की बर्बादी को रोकने के लिए उन्होंने खुद को मानसिक रूप से तैयार किया। उन्होंने बताया कि उस दौरान वह ऐसी ड्रेस पहनने को मजबूर थीं जिससे उनकी पीठ पर दबाव न पड़े। यह अनुभव उनके जीवन के उन पलों में से एक है जिसने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक मजबूत बनाया। फिल्म उद्योग के सहकर्मियों और प्रशंसकों ने उनके इस जज्बे की सराहना की है जो उनके काम के प्रति अटूट निष्ठा को दर्शाता है।

अक्सर दर्शकों को पर्दे पर केवल चमक धमक और खूबसूरती ही दिखाई देती है लेकिन उसके पीछे की हकीकत काफी अलग और संघर्षपूर्ण होती है। शिल्पा शेट्टी का यह अनुभव उन तमाम कलाकारों की कहानी बयां करता है जो गंभीर चोटों और अस्वस्थ होने के बाद भी अपने काम को प्रभावित नहीं होने देते। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उस समय सुरक्षा मानकों और प्राथमिक चिकित्सा के प्रति वर्तमान की तुलना में कम जागरूकता थी। आज के समय में हालांकि सुरक्षा उपकरणों और तकनीक में काफी सुधार हुआ है लेकिन एक कलाकार का अपने काम के प्रति समर्पण आज भी वही है जो दशकों पहले हुआ करता था।

इस घटना के सार्वजनिक होने के बाद से मनोरंजन जगत में कलाकारों की सुरक्षा और उनके कार्यस्थल की स्थितियों पर भी विचार किया जा रहा है। शिल्पा शेट्टी की यह कहानी न केवल उनके प्रशंसकों को प्रेरित करती है बल्कि यह भी सिखाती है कि बाधाएं चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उनकी पेशेवर यात्रा में ऐसे कई मोड़ आए हैं जहां उन्होंने अपनी सीमाओं से परे जाकर काम किया है। यही कारण है कि आज भी वह फिल्म उद्योग में एक सक्रिय और सम्मानित नाम बनी हुई हैं और नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करती हैं।

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