Mahakaushal Times

करैरा पर गरमाई राजनीति, विधायक प्रीतम लोधी का SDOP पर तीखा बयान


नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Shivpuri जिले में एक सड़क हादसे के बाद सियासी और प्रशासनिक टकराव खुलकर सामने आ गया है। पिछोर से भाजपा विधायक Pritam Lodhi ने करैरा के एसडीओपी आयुष जाखड़ पर तीखा हमला बोलते हुए एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए अधिकारियों को “औकात में रहने” की नसीहत दी।

‘करैरा तेरे डैडी का नहीं’-वीडियो में भड़के विधायक

रविवार देर शाम सामने आए वीडियो में Pritam Lodhi अपने बेटे दिनेश लोधी के मामले में कार्रवाई को लेकर नाराज नजर आए। उन्होंने कहा, “करैरा तेरे डैडी का नहीं है। बेटा आएगा भी और चुनाव भी लड़ेगा, दम है तो रोक लेना।”
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे कानून के दायरे में काम करें और पक्षपात न करें।

शिवपुरी में विधायक प्रीतम लोधी ने बेटे के एक्सीडेंट केस में पुलिस कार्रवाई पर SDOP को आड़े हाथों लिया। पुलिस ने नियमों के तहत कार्रवाई बताते हुए आरोपों को खारिज किया।पूरा मामला 16 अप्रैल को हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है, जब विधायक के बेटे दिनेश लोधी की थार गाड़ी ने बाइक सवारों और पैदल चल रही महिलाओं को टक्कर मार दी थी। इस घटना में पांच लोग घायल हुए थे। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर वाहन जब्त किया और बाद में पूछताछ के लिए दिनेश को थाने बुलाया।

पुलिस की कार्रवाई-चालान और लाइसेंस पर कार्रवाई

जांच के दौरान पुलिस को वाहन में हूटर और काली फिल्म मिली, जिस पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान किया गया। साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की गई। एसडीओपी ने साफ किया कि पूरी कार्रवाई नियमों के तहत की गई है और किसी को ठेस पहुंचाने वाली कोई बात नहीं कही गई।

विधायक के आरोप-‘गरीबों के मामलों में नहीं होती कार्रवाई’

विधायक लोधी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई सड़क हादसे लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक आदिवासी महिला की मौत के मामले में पुलिस मौके पर तक नहीं पहुंची, क्योंकि वहां “कोई फायदा नहीं था”।

प्रशासनिक कार्रवाई बनाम राजनीतिक बयानबाजी

इस पूरे मामले में एक ओर जहां पुलिस अपनी कार्रवाई को नियमसम्मत बता रही है, वहीं विधायक का आरोप है कि उनके बेटे के मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। इस बयानबाजी ने मामले को और तूल दे दिया है।

शिवपुरी का यह मामला कानून और राजनीति के टकराव की तस्वीर पेश करता है। जहां एक तरफ प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई का दावा कर रहा है, वहीं जनप्रतिनिधि इसे पक्षपातपूर्ण बता रहे हैं। आगे की जांच और कार्रवाई से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

MADHYA PRADESH WEATHER

आपके शहर की तथ्यपूर्ण खबरें अब आपके मोबाइल पर