हीट स्ट्रोक क्या है और कैसे होता है
हीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर का तापमान नियंत्रण से बाहर हो जाता है और शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता। तेज धूप में लंबे समय तक रहने, पर्याप्त पानी न पीने और अत्यधिक शारीरिक श्रम करने से यह स्थिति बनती है। इसमें शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है, जिससे दिमाग और अन्य अंग प्रभावित हो सकते हैं।
सिरदर्द और चक्कर आने के मुख्य कारण
गर्मी में शरीर में पानी और नमक की कमी (डिहाइड्रेशन) होने लगती है, जिससे ब्लड प्रेशर असंतुलित हो सकता है। इसी कारण लोगों को सिरदर्द, कमजोरी, थकान और चक्कर आने की शिकायत होती है। कई बार तेज धूप में अचानक बाहर निकलने से भी यह समस्या बढ़ जाती है।
किन लोगों को ज्यादा खतरा
बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बाहर काम करने वाले मजदूर इस मौसम में ज्यादा जोखिम में रहते हैं। इसके अलावा जिन लोगों को पहले से हृदय रोग, डायबिटीज या ब्लड प्रेशर की समस्या है, उन्हें भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण
विशेषज्ञों के अनुसार हीट स्ट्रोक के शुरुआती संकेतों में तेज सिरदर्द, चक्कर, मतली, त्वचा का लाल होना, अत्यधिक पसीना या अचानक पसीना बंद हो जाना शामिल है। गंभीर स्थिति में मरीज बेहोश भी हो सकता है, जो आपातकालीन स्थिति मानी जाती है।
गर्मी से बचाव के उपाय
डॉक्टर सलाह देते हैं कि दिन के सबसे गर्म समय यानी दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। हल्के और ढीले कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी या ओआरएस का सेवन करें। तली-भुनी चीजों से भी बचना चाहिए।
कब लें तुरंत चिकित्सा सहायता
अगर किसी व्यक्ति को तेज चक्कर, बेहोशी, लगातार उल्टी या शरीर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर इलाज न मिलने पर हीट स्ट्रोक जानलेवा भी हो सकता है।