मेटा में AI इंजीनियरों की कमाई कई स्तरों पर तय होती है, लेकिन शुरुआती बेस सैलरी ही इतनी ज्यादा है कि यह आमतौर पर करोड़ों रुपये तक पहुंच जाती है। मशीन लर्निंग और AI से जुड़े इंजीनियरों को सालाना लाखों डॉलर तक की बेस सैलरी दी जा रही है, जो भारतीय मुद्रा में करोड़ों रुपये के बराबर बैठती है। यह दिखाता है कि कंपनी अपने एआई टैलेंट को सबसे महत्वपूर्ण संसाधन मान रही है।
सिर्फ इंजीनियरिंग रोल्स ही नहीं, बल्कि डेटा साइंस और रिसर्च से जुड़े पदों पर भी भारी वेतन दिया जा रहा है। डेटा से जुड़ी रणनीति बनाने वाले प्रोफेशनल्स की सैलरी भी करोड़ों रुपये तक पहुंच रही है। इससे यह साफ होता है कि सिर्फ कोडिंग ही नहीं, बल्कि डेटा को समझने और उसका उपयोग करने वाले लोगों की भी भारी मांग है।
मेटा में सीनियर लेवल पर काम करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की कमाई भी काफी ज्यादा है। अनुभव और जिम्मेदारी बढ़ने के साथ-साथ सैलरी में भी बड़ा उछाल देखने को मिलता है। कई मामलों में कुल पैकेज कई करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है, जिससे यह इंडस्ट्री दुनिया की सबसे ज्यादा भुगतान देने वाली इंडस्ट्री में शामिल हो जाती है।
भारत में भी मेटा अपने इंजीनियरों को बहुत आकर्षक पैकेज ऑफर करती है। यहां शुरुआती स्तर पर ही अच्छी सैलरी मिलती है, जबकि अनुभवी AI इंजीनियरों के लिए यह पैकेज करोड़ों रुपये तक जा सकता है। यह भारत के टेक सेक्टर में सबसे हाई-पेइंग जॉब्स में से एक माना जाता है।
इस पूरे पैकेज में सिर्फ बेस सैलरी ही नहीं बल्कि स्टॉक ऑप्शंस और बोनस भी शामिल होते हैं। इन्हीं अतिरिक्त फायदों के कारण कुल कमाई और भी ज्यादा बढ़ जाती है। कई सीनियर इंजीनियरों की कुल सालाना कमाई कई करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है, जिससे यह क्षेत्र और भी आकर्षक बन जाता है।