Balaghat News : मध्यप्रदेश के बालाघाट में लामता तहसीलदार सुरेश उपाध्याय पर शिकायतकर्ता को धमकाने का आरोप लगा है। जतिन निषाद नामक शिकायतकर्ता का कहना है कि, तहसीलदार ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत वापस लेने को कहा। मना करने पर उन्होंने भविष्य में परेशानी होने की धमकी दी। हालांकि, तहसीलदार ने इन दावों को बेबुनियाद बताया।
आगे भी तुम्हें हमारी और पटवारी की जरूरत पड़ेगी…
जतिन के मुताबिक, तहसीलदार ने कहा, “आगे भी तुम्हें हमारी और पटवारी की जरूरत पड़ेगी।” जतिन इसे खुली धमकी मानते हैं। उनका कहना है कि तहसीलदार ने चेतावनी दी कि तहसील कार्यालय से काम पड़ने पर नुकसान झेलना पड़ेगा।
जमीन विवाद की शिकायत थी दर्ज :
जतिन ने 181 सीएम हेल्पलाइन पर पंचायत की जमीन से जुड़ी शिकायत की थी। इसमें पूर्व सरपंच पर अपनी पत्नी व बेटे के नाम पट्टे बनाकर जमीन हड़पने का आरोप था। इसी मामले में पटवारी के जरिए उन्हें तहसीलदार के पास बुलाया गया।
शिकायत न वापस लेने पर तहसीलदार ने धमकाया और तहसील परिसर में दोबारा न आने को कहा। इसके बाद जतिन ने तहसीलदार के खिलाफ 181 पर नई शिकायत की और फोन से कलेक्टर को भी सूचना दी।
तहसीलदार ने आरोपों को झूठा करार दिया :
वहीं, तहसीलदार सुरेश उपाध्याय ने धमकी से साफ इंकार किया। उन्होंने माना कि शिकायत वापस लेने को कहा था, लेकिन धमकाने का इरादा नहीं था। उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने सिर्फ समझाया कि स्वामित्व योजना का अधिकार उनके पास नहीं है। भविष्य में पटवारी-तहसीलदार से ही काम बनता है। उन्होंने आरोपों को झूठा करार दिया।