MP Weather : मध्यप्रदेश। दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती दबाव के कारण मध्य प्रदेश का मौसम अगले चार दिनों तक उथल-पुथल वाला रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि 24 अक्टूबर तक कई जगहों पर हल्की बारिश और बिजली कड़कने की आशंका है। भोपाल, इंदौर व जबलपुर संभाग के ज्यादातर जिलों के लिए बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
दक्षिणी जिलों में हल्की फुहार :
मंगलवार को हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, डिंडोरी, मंडला व बालाघाट में बारिश के साथ तेज गरज का अलर्ट है। 22 अक्टूबर को चक्रवात का असर बढ़ेगा। इस दिन इंदौर, भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, सीहोर, विदिशा, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, जबलपुर व अनूपपुर समेत लगभग 30 जिलों में मौसम बिगड़ सकता है। 23-24 अक्टूबर को दक्षिणी जिलों में हल्की फुहार पड़ सकती है।
कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है :
दिवाली पर झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, सिवनी, मंडला, बालाघाट व डिंडोरी में बादल छाए थे। अक्टूबर में दिन-रात का तापमान अलग-अलग रहेगा। सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस होगी, दिन में धूप चमकेगी। कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है। नवंबर के दूसरे सप्ताह से सर्दी तेज होगी।
रात को गिर सकता है टेम्प्रेचर :
पिछले दो दिनों में रात का पारा गिरा। भोपाल में 17.2 डिग्री, इंदौर में 20.2, उज्जैन में 22, ग्वालियर में 20.5 व जबलपुर में 18 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। कुछ जगहों पर 20 डिग्री से नीचे रहा। छतरपुर के नौगांव में सबसे कम 16.3 व राजगढ़ में 16.6 डिग्री नापी गई।
मौसम विभाग का अनुमान है कि सर्दी नवंबर से फरवरी तक चलेगी। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह 2010 के बाद की सबसे सख्त ठंड हो सकती है। इस दौरान सामान्य से ज्यादा बारिश भी संभव है। उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ ज्यादा सक्रिय रहेंगे। साथ ही ला-नीना की स्थिति बनने के संकेत मिले हैं।