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फोन छूते ही 23 मिनट का नुकसान! स्क्रीन लत पर Raj Shamani की चेतावनी, ऐसे पाएं छुटकारा


नई दिल्ली। आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन हमारी जरूरत बन चुका है, लेकिन यही जरूरत कब लत में बदल जाती है, इसका अंदाजा भी नहीं होता। हाल ही में Raj Shamani के एक पोस्ट ने इस खतरे को फिर से चर्चा में ला दिया है। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति दिन में औसतन 144 बार अपना फोन चेक करता है और हर बार ध्यान भटकने के बाद दिमाग को दोबारा फोकस होने में करीब 23 मिनट लगते हैं।

यह आंकड़ा University of California की रिसर्च से भी मेल खाता है, जिसमें प्रोफेसर ग्लोरिया मार्क ने बताया कि किसी भी काम के बीच रुकावट (interruption) के बाद दिमाग को “डीप फोकस” में लौटने में औसतन 23 मिनट 15 सेकंड लगते हैं। यानी बार-बार फोन देखना आपकी उत्पादकता को धीरे-धीरे खत्म कर देता है।

क्यों खतरनाक है यह आदत?
हर नोटिफिकेशन, हर मैसेज और हर स्क्रॉल आपके दिमाग को “स्विच टास्किंग” में डाल देता है। इससे न सिर्फ काम की गुणवत्ता गिरती है, बल्कि मानसिक थकान और तनाव भी बढ़ता है।

फोन की लत कम करने के 4 असरदार तरीके
1. ग्रेस्केल/बेडटाइम मोड ऑन करें
फोन की रंगीन स्क्रीन ही आपको बार-बार आकर्षित करती है। ग्रेस्केल मोड ऑन करते ही स्क्रीन ब्लैक एंड व्हाइट हो जाती है, जिससे फोन कम आकर्षक लगता है और यूज कम होता है।

2. फोन को नजर से दूर रखें
रिसर्च बताती है कि अगर फोन आपके पास रखा है, तो आप उसे बार-बार उठाएंगे ही। इसलिए काम करते समय फोन को दूसरी जगह रखें—यह छोटा बदलाव बड़ा असर दिखाता है।

3. नोटिफिकेशन लिमिट करें
हर ऐप की पिंग आपके ध्यान को तोड़ती है। सेटिंग्स में जाकर अनावश्यक नोटिफिकेशन बंद करें। कम नोटिफिकेशन = ज्यादा फोकस और कम तनाव।

4. डिजिटल वेलबींग फीचर का इस्तेमाल करें
अधिकांश एंड्रॉयड फोन में Digital Wellbeing फीचर होता है, जिससे आप देख सकते हैं कि दिनभर में कितनी बार फोन अनलॉक किया और कितना स्क्रीन टाइम रहा। इससे आप अपनी आदत को कंट्रोल कर सकते हैं।

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