Carbide Gun : मध्यप्रदेश। एनडीटीवी के एक समाचार लेख के अनुसार, मध्य प्रदेश में दिवाली के जश्न के दौरान अस्थायी कार्बाइड गन से घायल होने के बाद 14 बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई।
गौरतलब है कि 22 अक्टूबर को पीटीआई ने बताया था कि राजधानी भोपाल में कार्बाइड गन से 8 से 14 साल के बच्चों सहित 60 से ज़्यादा लोगों के चेहरे और आँखों पर गंभीर चोटें आईं।
पिछले तीन दिनों में शहर के हमीदिया अस्पताल में 25 बच्चों को भर्ती कराया गया है।
राज्य भर में 100 से ज़्यादा लोगों की आँखों में गंभीर चोटें
भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के अस्पतालों में कार्बाइड गन से हुई दुर्घटनाओं के ऐसे ही मामले सामने आए हैं। राज्य भर में 100 से ज़्यादा लोगों की आँखों में गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मनीष शर्मा ने भी कार्बाइड गन के इस्तेमाल के खिलाफ चेतावनी दी है।
इन बंदूकों का इस्तेमाल ज़्यादातर किसान अपनी फसलों को बंदरों जैसे जानवरों से बचाने के लिए करते हैं। बाज़ार में इनकी खुलेआम बिक्री और दिवाली के पटाखों के रूप में ब्रांडिंग, वो भी बिना किसी चेतावनी के, अधिकारियों द्वारा इनके नियमन पर बहस छिड़ गई है। डॉक्टरों ने कार्बाइड बंदूकों को खिलौनों और पटाखों के रूप में, खासकर बच्चों के लिए, इस्तेमाल करने के खिलाफ चेतावनी दी है।
सूचना पर कार्रवाई करते हुए, भोपाल पुलिस ने एमपी नगर, गांधी नगर और बाग सेवनिया इलाके की दुकानों से 60 से 65 कार्बाइड बंदूकें ज़ब्त की हैं।