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होर्मुज में टेंशन हाई: फ्रांसीसी जहाज पर हमला, ट्रम्प ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ रोका; मिडिल ईस्ट में बढ़ा युद्ध का खतरा



नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंचता जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में एक फ्रांसीसी कार्गो जहाज पर हमले ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। CMA CGM ने पुष्टि की है कि उसके ‘सैन एंटोनियो’ जहाज को पार करते समय मिसाइल या ड्रोन से निशाना बनाया गया, जिसमें कई क्रू मेंबर घायल हो गए और जहाज को नुकसान पहुंचा।

दुनिया के सबसे अहम व्यापारिक मार्गों में से एक 
कंपनी के अनुसार, घायल कर्मचारियों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर इलाज शुरू कर दिया गया है। इस घटना ने वैश्विक समुद्री सुरक्षा और तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह इलाका दुनिया के सबसे अहम व्यापारिक मार्गों में से एक माना जाता है।
ईरान ने इस फैसले पर तंज कसते हुए इसे अपनी रणनीतिक बढ़त बताया है।
इसी बीच डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा फैसला लेते हुए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ ऑपरेशन को रोक दिया है। यह ऑपरेशन अमेरिका ने होर्मुज में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए शुरू किया था, लेकिन इसे अचानक बंद करने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। ईरान ने इस फैसले पर तंज कसते हुए इसे अपनी रणनीतिक बढ़त बताया है।

पिछले 24 घंटों में हालात तेजी से बदले हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका ने नया प्रस्ताव पेश कर ईरान से हमले रोकने, माइंस हटाने और जहाजों से टोल वसूली बंद करने की मांग की है। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात पर लगातार दूसरे दिन मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए, हालांकि वहां के डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया।

अमेरिका ने हालात को संभालने के लिए USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश वॉरशिप को भी होर्मुज भेजा था, लेकिन ऑपरेशन रुकने के बाद इसकी भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं, फुजैराह हमले में तीन भारतीय नागरिकों के घायल होने पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और सभी पक्षों से तुरंत हिंसा रोकने की अपील की है।

तनाव के बीच चीन ने साफ कहा है कि अब युद्ध को रोकना बेहद जरूरी है। चीन के अनुसार, इस संघर्ष का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सप्लाई पर पड़ सकता है। साथ ही उसने ईरान के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को भी दोहराया है।दूसरी ओर, शहबाज शरीफ ने ट्रम्प के फैसले की तारीफ करते हुए इसे क्षेत्र में शांति की दिशा में सही कदम बताया है।

कुल मिलाकर होर्मुज में बढ़ता तनाव अब वैश्विक संकट का रूप लेता दिख रहा है। एक तरफ सैन्य गतिविधियां तेज हो रही हैं, तो दूसरी तरफ कूटनीतिक बयानबाजी भी चरम पर है। आने वाले दिनों में यह टकराव किस दिशा में जाएगा, इस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।

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