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झालमुड़ी, राजनीति और पावर शो: मध्यप्रदेश में सियासत का ‘स्वादिष्ट’ और रंगीन अंदाज़


नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अनोखा अंदाज़ देखने को मिला। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में भाजपा की जीत का जश्न मनाया जा रहा था। मंच पर कार्यकर्ताओं के बीच झालमुड़ी का वितरण हुआ और माहौल पूरी तरह हल्का-फुल्का हो गया।
जैसे ही मुख्यमंत्री को संबोधन के लिए बुलाया गया, उन्होंने पहले झालमुड़ी खाने की इच्छा जताई। इसके बाद उन्होंने मंच पर बैठकर झालमुड़ी का आनंद लिया। संचालन कर रही विधायक अर्चना चिटनीस ने मुस्कुराते हुए कहा कि “झालमुड़ी खाने के बाद ही संबोधन होगा,” जिस पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताई। इसके बाद ही उन्होंने अपना संबोधन दिया और राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष पर तीखे हमले किए।

नरोत्तम मिश्रा बने ‘झालमुड़ी वाले’, कार्यकर्ताओं का अनोखा स्वागत
पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी झालमुड़ी के रंग में पूरी तरह रंगे नजर आए। उन्होंने भाजपा में शामिल हुए नए कार्यकर्ताओं का स्वागत झालमुड़ी खिलाकर किया। खास बात यह रही कि वे खुद “झालमुड़ी… झालमुड़ी…” कहते हुए कार्यकर्ताओं को बुलाते नजर आए।

उनका यह अंदाज़ राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे उनकी सक्रियता और आगामी उपचुनावों की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। दतिया सीट को लेकर संभावित राजनीतिक समीकरणों के बीच मिश्रा लगातार सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।

‘नायक नहीं, खलनायक हूं मैं’ पर झूमा विदाई समारोह
भिंड जिले में पुलिस अधीक्षक डॉ. असित यादव के विदाई समारोह का दृश्य पूरी तरह फिल्मी माहौल में बदल गया। उनके प्रमोशन के बाद जब विदाई दी जा रही थी, तो वहां फिल्म ‘खलनायक’ का गाना बज उठा नायक नहीं, खलनायक हूं मैं।

इस गाने पर एसपी खुद भी झूमते नजर आए और समर्थकों ने उन्हें कंधों पर उठा लिया। वीडियो सामने आने के बाद यह समारोह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। कुछ लोगों ने इसे हल्के-फुल्के अंदाज़ में लिया, तो कुछ ने इसे अलग तरह का प्रतीकात्मक प्रदर्शन बताया।

500 गाड़ियों के काफिले से शक्ति प्रदर्शन
गुना के पूर्व सांसद केपी यादव ने राज्य खाद्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने से पहले जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। वे करीब 500 गाड़ियों के काफिले के साथ भोपाल पहुंचे। जगह-जगह उनका भव्य स्वागत हुआ।

इसके बाद उन्होंने भाजपा कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। उनके इस भव्य अंदाज़ को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। इसे उनकी राजनीतिक ताकत दिखाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीति का नया रंग: हल्कापन और हाई-प्रोफाइल स्टाइल
मध्यप्रदेश की राजनीति में इन दिनों गंभीरता के साथ मनोरंजन और प्रतीकात्मक शैली का अनोखा मिश्रण देखने को मिल रहा है। झालमुड़ी से लेकर फिल्मी गानों और शक्ति प्रदर्शनों तक हर घटना सियासत को एक नए रंग में पेश कर रही है।

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