मध्यप्रदेश। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना (DGP Kailash Makwana) ने शहडोल जिले के निपनिया गाँव में हुई आगजनी की घटना में एक परिवार को बचाने के लिए पिपौधा थाना प्रभारी सब-इंस्पेक्टर बिजेंद्र मिश्रा की प्रशंसा की है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
यह घटना 26 अक्टूबर, 2025 को हुई थी, जब निपनिया गांव निवासी रूपधारी जायसवाल के घर में अचानक आग लग गई।
उस समय, रूपधारी जायसवाल, उनकी पत्नी बेलवती जायसवाल, उनके पिता पूरनलाल जायसवाल और उनकी लगभग 15 वर्षीय बेटी घर पर मौजूद थे।
इस बीच, पिपौधा थाना प्रभारी सब-इंस्पेक्टर बिजेंद्र मिश्रा हीरापुर गाँव से निपनिया की ओर जा रहे थे, तभी उन्होंने घर से आग की लपटें उठती देखीं। बिना देर किए, वह तुरंत घटनास्थल पर पहुँचे और पाया कि पूरा परिवार एक कमरे में फँसा हुआ है और अपना सामान बचाने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर जलते हुए घर में प्रवेश किया और परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्होंने पास के एक बोरवेल से पानी लेकर आग बुझाने का प्रयास किया। इसके बाद उन्होंने सड़क निर्माण कंपनी के एक टैंकर से आग बुझाने में मदद माँगी और ब्योहारी नगर पालिका से दमकल बुलाकर स्थिति पर काबू पाया।
बस यात्रियों की जान बचाने वाले कांस्टेबल को 10,000 रुपये का पुरस्कार-
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने 25 अक्टूबर को अशोकनगर में लगी बस में सवार यात्रियों की जान बचाने वाले कांस्टेबल को 10,000 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
लगभग 45 यात्रियों वाली स्लीपर कोच बस इंदौर जा रही थी। शाम 7.45 बजे जब यह अशोकनगर जिले के ईसागढ़ से गुज़र रही थी, तो कांस्टेबल अरविंद रघुवंशी ने इंजन से धुआँ निकलता देखा। उन्होंने ड्राइवर से बस रोकने को कहा और शोर मचाया।