सतना में चालू वर्ष की दूसरी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ जिला जज गीता सोलंकी ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर कई न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता मौजूद रहे। लोक अदालत में आपसी सहमति के आधार पर कुल 2888 मामलों का समाधान किया गया। इन मामलों में कुल 9 करोड़ 42 लाख 81 हजार 737 रुपये के अवार्ड पारित किए गए, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिली।
परिवारिक विवादों में आई सुलह, 22 जोड़े फिर साथ
कुटुंब न्यायालय की पीठ में पेश 30 मामलों में से 22 विवादित दंपतियों के बीच समझौता कराया गया। वर्षों से अलगाव की स्थिति में चल रहे कई जोड़ों ने अदालत में एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर नए सिरे से जीवन शुरू करने का फैसला लिया। तलाक की प्रक्रिया में पहुंचे कई दंपति भी समझाइश के बाद फिर से साथ रहने को तैयार हुए, जिससे पारिवारिक विवादों में सकारात्मक समाधान देखने को मिला।
मोटर दुर्घटना और बीमा मामलों में बड़ा मुआवजा
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना से जुड़े मामलों में भी महत्वपूर्ण फैसले हुए। एक मामले में हर्षिता बत्रा को 47 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। कुल 12 मामलों में 52 लाख रुपये से अधिक का अवार्ड पारित किया गया। इन मामलों में बीमा कंपनियों और पक्षकारों के बीच समझौते के बाद तेजी से निपटारा किया गया।
विद्युत और श्रम मामलों में भी राहत
विद्युत विभाग से जुड़े 256 मामलों का निपटारा करते हुए 86 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं श्रम न्यायालय में 7 मामलों में 20 लाख रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति श्रमिकों को दिलाई गई।
जमीन, चेक बाउंस और ट्रैफिक मामलों का भी समाधान
लोक अदालत में जमीन विवाद, चेक बाउंस, आपराधिक और ट्रैफिक से जुड़े मामलों का भी समाधान किया गया। इससे अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम करने में मदद मिली। सतना की यह लोक अदालत न केवल मामलों के त्वरित निपटारे का उदाहरण बनी, बल्कि आपसी सुलह और सामाजिक संतुलन की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम साबित हुई।