जानकारी के अनुसार, झाड़पा गांव निवासी सूरज विश्नोई का बेटा दर्शन विश्नोई (15) रविवार सुबह नीमगांव स्थित अपने खेत से मक्का भरकर ट्रॉली में गांव लौट रहा था। लौटते समय जब वह अजनाल नदी के रपटे पर पहुंचा, तो ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित हो गया और सीधे नदी में पलट गया। हादसे में किशोर ट्रैक्टर के नीचे दब गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और जेसीबी मशीन की मदद से ट्रैक्टर के नीचे दबे किशोर को बाहर निकाला। गंभीर हालत में उसे तत्काल हरदा के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। हादसे के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
बताया जा रहा है कि मृतक दर्शन विश्नोई अपने दो भाइयों में सबसे छोटा था। उसका बड़ा भाई लुधियाना में पढ़ाई कर रहा है। दर्शन हरदा के सरस्वती शिशु मंदिर में दसवीं कक्षा का छात्र था और पढ़ाई के साथ-साथ परिवार की मदद के लिए खेत का काम भी करता था।
ग्रामीणों के अनुसार, नदी का रपटा कई बार हादसों का कारण बन चुका है, लेकिन सुरक्षा इंतजामों की कमी के चलते ऐसी घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। इस हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में खतरनाक रास्तों और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के जोखिम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।