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थाली में जितने ज्यादा रंग, उतनी बेहतर सेहत, विशेषज्ञों ने बताया गर्भावस्था में संतुलित और पौष्टिक आहार का सबसे आसान तरीका

नई दिल्ली ।
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपने खान-पान पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है क्योंकि इस समय लिया गया भोजन केवल मां ही नहीं बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत को भी प्रभावित करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस दौरान संतुलित और पोषण से भरपूर आहार बेहद जरूरी होता है और इसी कारण ‘सतरंगी थाली’ को सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है। सतरंगी थाली का मतलब है भोजन में अलग-अलग रंगों के फल, सब्जियां, अनाज और पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना, जिससे शरीर को हर जरूरी पोषक तत्व मिल सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि हर रंग के खाद्य पदार्थ में अलग-अलग पोषण तत्व मौजूद होते हैं। जब भोजन में कई रंग शामिल होते हैं, तो शरीर को विटामिन, मिनरल्स, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और प्रोटीन संतुलित मात्रा में मिलते हैं। यही कारण है कि केवल एक जैसे भोजन पर निर्भर रहने के बजाय विविधता वाला भोजन ज्यादा लाभकारी माना जाता है।

गर्भवती महिलाओं के लिए यह और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है क्योंकि इस समय शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा और पोषण की आवश्यकता होती है। सही खान-पान से गर्भ में बच्चे का विकास बेहतर होता है और मां की सेहत भी मजबूत बनी रहती है। इसके अलावा संतुलित आहार प्रसव के बाद शरीर की रिकवरी में भी मदद करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।

हरे रंग की सब्जियां जैसे पालक और अन्य पत्तेदार सब्जियां आयरन और फोलिक एसिड का अच्छा स्रोत मानी जाती हैं, जो खून की कमी को दूर करने में मदद करती हैं। लाल रंग के खाद्य पदार्थ शरीर को जरूरी एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन प्रदान करते हैं, जबकि पीले और नारंगी रंग के फल विटामिन सी और पोटैशियम से भरपूर होते हैं। इसी तरह बैंगनी रंग के खाद्य पदार्थ शरीर में सूजन कम करने और कोशिकाओं की सुरक्षा में मददगार माने जाते हैं।

डाइट एक्सपर्ट्स का मानना है कि गर्भावस्था में एक जैसा भोजन बार-बार खाने से शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते। ऐसे में भोजन में रंगों और स्वाद की विविधता होना जरूरी है। इससे न केवल खाने का स्वाद बढ़ता है बल्कि भूख भी अच्छी लगती है और शरीर को संपूर्ण पोषण प्राप्त होता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, स्वस्थ मां ही स्वस्थ बच्चे को जन्म देती है और इसकी शुरुआत सही खान-पान से होती है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान रोजाना की थाली में अलग-अलग रंगों के मौसमी फल और सब्जियां शामिल करना बेहद जरूरी माना जाता है। सतरंगी थाली केवल देखने में आकर्षक नहीं होती, बल्कि यह बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

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