पचमढ़ी। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पचमढ़ी में शुरू हो रहे कांग्रेस के ‘महामंथन शिविर’ से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की राजनीति और बीजेपी सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने इस शिविर को संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
पटवारी ने जानकारी दी कि दस दिवसीय पचमढ़ी शिविर में वरिष्ठ नेता, संगठन पदाधिकारी और विभिन्न जिलों के अध्यक्ष शामिल होंगे। इस दौरान **संगठन सृजन अभियान की समीक्षा की जाएगी और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी।
नए जिलाध्यक्षों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर का मुख्य फोकस नव नियुक्त जिलाध्यक्षों पर रहेगा। इन्हें कांग्रेस की विचारधारा, संगठनात्मक ढांचे और पार्टी की कार्यशैली की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्होंने कहा कि संगठन सृजन अभियान के बाद यह प्रशिक्षण कांग्रेस को जिला स्तर पर सशक्त बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
‘शराब से युवाओं को बर्बाद कर रही सरकार’
जीतू पटवारी ने प्रदेश में शराब नीति पर चिंता जताते हुए बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “बीजेपी सरकार ने शराब से 17 हजार करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य तय किया है, जो सीधे तौर पर युवा पीढ़ी को नशे की लत में धकेलने जैसा है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना और उन्हें रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ाना है।
‘200 करोड़ का विमान खरीद रहे CM’
मुख्यमंत्री के ’25 साल के विजन’ वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए पटवारी ने सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए:
कर्ज का बोझ: उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश आज पाँच लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा हुआ है।
कानून व्यवस्था: “कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नहीं बची है।”
बीजेपी नेताओं का आचरण: उन्होंने सतना में बीजेपी सांसद गणेश सिंह द्वारा एक नागरिक को थप्पड़ मारने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि “यही उनकी संस्कृति है।”
कमीशन का आरोप: पटवारी ने बीजेपी सरकार को ’50 प्रतिशत कमीशन की सरकार’ करार दिया।
वित्तीय कुप्रबंधन: उन्होंने कहा कि किसानों को परेशान किया जा रहा है, ओबीसी आरक्षण रोका गया है, और 27 विभागों के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है, जबकि मुख्यमंत्री 200 करोड़ रुपये का नया विमान खरीद रहे हैं और उसके रखरखाव पर रोज़ 25 लाख रुपये खर्च कर रहे हैं।