Cough Syrup Scandal : छिंदवाड़ा। जहरीले कफ सिरप से 20 से अधिक बच्चों की जान लेने वाले भीषण कांड में लंबे समय से फरार चल रही सह-आरोपी ज्योति सोनी को आखिरकार पुलिस ने धर दबोचा है। आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी की पत्नी, ज्योति पर साक्ष्य छिपाने और अपराध में पति का सहयोग करने का आरोप है। वह परासिया में एक मेडिकल स्टोर का संचालन करती थी। सोमवार को एसआईटी (SIT) टीम ने परासिया से उसे गिरफ्तार कर लिया।
बेंगलुरु और बनारस में काटी फरारी
डीएसपी जितेंद्र जाट के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए ज्योति सोनी ने अपना समय बेंगलुरु और बनारस जैसे शहरों में छिपकर बिताया। इसी दौरान उसने जबलपुर हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत लेने की भी कोशिश की थी।
गुप्त सूचना मिलने के बाद, एसआईटी ने परासिया में छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
स्टॉक में हेराफेरी का आरोप
ड्रग विभाग की जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि ज्योति सोनी ने फॉर्मासिस्ट सौरभ जैन और न्यू अपना फार्मा के संचालक राजेश सोनी के साथ मिलकर घातक कफ सिरप कोल्ड्रिफ के स्टॉक रिकॉर्ड में हेराफेरी की और महत्वपूर्ण जानकारी को छुपाया। तीनों पर आरोप है कि उन्होंने डॉ. प्रवीण सोनी को बचाने के इरादे से सबूत मिटाने की कोशिश की। इसी आधार पर पुलिस ने तीनों के विरुद्ध मामला दर्ज किया था। सौरभ और राजेश को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि ज्योति अब पुलिस के शिकंजे में आई है।
गिरफ्तारी या समर्पण? परासिया में चर्चा
ज्योति की गिरफ्तारी को लेकर परासिया में तरह-तरह की बातें हो रही हैं। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि उसने स्वेच्छा से आत्मसमर्पण किया है, जबकि पुलिस जोर देकर कह रही है कि यह गिरफ्तारी है, समर्पण नहीं। एसआईटी अब ज्योति से पूछताछ करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि फरारी के दौरान उसने किन लोगों से संपर्क साधा और मामले से जुड़े सबूतों को किस प्रकार नष्ट किया गया।