नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के सतना नगर निगम क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के वार्ड क्रमांक 1 (अमौधा और बगहा) तथा वार्ड 3 (गढ़िया टोला) में पिछले एक महीने से नलों से झागयुक्त और बदबूदार पानी की आपूर्ति हो रही है। इस स्थिति ने स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश दोनों पैदा कर दिए हैं।
नागरिकों का कहना है कि लगातार दूषित पानी की आपूर्ति से स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है और संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है। लोगों ने कई बार सीएम हेल्पलाइन और नगर निगम में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है।
स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में इंदौर जैसी किसी बड़ी जनहानि का डर भी देखने को मिल रहा है, जहां दूषित पानी के कारण गंभीर घटनाएं सामने आई थीं। इसी आशंका के चलते लोग प्रशासन से तुरंत पाइपलाइन और सीवर व्यवस्था सुधारने की मांग कर रहे हैं।
इस मामले में स्थानीय पार्षद अभिषेक तिवारी ने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह से लापरवाह हो चुके हैं और जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
सबसे विवादित स्थिति गढ़िया टोला इलाके में सामने आई, जहां सप्लाई हो रहे हरे रंग के पानी का निरीक्षण करने पहुंची टीम ने इसे पीने योग्य घोषित कर दिया। इस रिपोर्ट के बाद स्थानीय लोग भड़क उठे और जांच टीम के साथ तीखी बहस भी हुई। लोगों का आरोप है कि जांच प्रक्रिया केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।
फिलहाल पूरे इलाके में पेयजल संकट और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर नाराजगी बनी हुई है। नागरिकों ने मांग की है कि जल्द से जल्द उच्च स्तरीय जांच कर समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि लोगों की सेहत और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।