मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सोमवार को अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शहर में कहीं भी अवैध कॉलोनी का निर्माण होता है, तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अवैध निर्माण रोकने के लिए व्यापक अभियान
रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री विजयवर्गीय ने इंदौर में अधिकारियों की एक बैठक ली और अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने इंदौर को प्रदेश का पहला आत्मनिर्भर शहर बताया, जो अपने नवाचारों के माध्यम से लगातार प्रगति कर रहा है।
राजस्व वृद्धि और खर्च में कमी पर जोर
मंत्री ने इंदौर के महापौर की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में वर्ष 2040 तक की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नर्मदा नदी के चौथे चरण की योजना पर काम हो रहा है। उन्होंने इंदौर नगर निगम को राजस्व आय बढ़ाने और खर्च में कटौती करने के लिए एक ठोस कार्य-योजना तैयार करने का भी निर्देश दिया।
ट्रैफिक और ट्रांसपोर्ट प्लान बनाने के निर्देश
अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, और इंदौर स्मार्ट सिटी मिशन जैसी योजनाओं की समीक्षा के बाद, मंत्री विजयवर्गीय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इंदौर शहर के ट्रैफिक और ट्रांसपोर्ट का एक व्यापक प्लान तैयार करें। इस प्लान का उद्देश्य इंदौर की आर्थिक प्रगति को और अधिक गति देना होना चाहिए।
अवैध नल कनेक्शन पर सख्ती
बैठक में नगरीय सीमा में शामिल 29 गाँवों में पेयजल आपूर्ति को मज़बूत करने और सड़कों की चौड़ाई सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शहर में अवैध नल कनेक्शनों को सख्ती से काटा जाए। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने विकास कार्यों को गति देने के लिए टेंडर प्रक्रिया की समय-सीमा निश्चित करने पर बल दिया।
मंत्री विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि शहर की खाली ज़मीन को आकर्षक डिज़ाइन के साथ विकसित करने से नगर निगम की आय में बढ़ोतरी होगी। इस बैठक में सांसद कविता पाटीदार, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मधु वर्मा, महेंद्र हार्डिया, गोलू शुक्ला और अपर मुख्य सचिव संजय दुबे सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।