Mahakaushal Times

MP में ‘SIR’ प्रक्रिया शुरू : 65,000 BLO जाएंगे घर-घर, मतदाता सूची में नाम रखने के लिए तैयार रखें ये दस्तावेज

MP में 'SIR' प्रक्रिया शुरू

MP SIR : मध्यप्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया मंगलवार, 4 नवंबर से शुरू हो गई है। इस अभियान के तहत, राज्य के 65 हज़ार बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं को विशेष फॉर्म वितरित करेंगे। यह प्रक्रिया ही तय करेगी कि आपका नाम मतदाता सूची में रहेगा या नहीं।

कैसा होगा BLO का फॉर्म?

SIR प्रक्रिया के लिए हर मतदाता का एक अलग फॉर्म प्रकाशित किया गया है।

आधा भरा/आधा खाली : यह फॉर्म आधा भरा (जिसमें मतदाता का नाम, परिचय पत्र से जुड़ी जानकारी और फोटो होगी) और आधा खाली होगा, जिसे मतदाता को स्वयं भरना होगा।
प्रक्रिया: BLO यह फॉर्म मतदाता को देंगे, फिर एक निश्चित समय बाद वापस आकर भरी हुई जानकारी और सत्यापन के लिए दस्तावेज़ लेंगे।
कार्यक्षेत्र: प्रत्येक BLO के पास अधिकतम 1100 मतदाताओं के फॉर्म होंगे।

2003 को आधार बनाकर होगा सत्यापन

SIR में 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाया गया है। सत्यापन की प्रक्रिया इस प्रकार होगी:

1. नाम शामिल: यदि मतदाता का नाम 2003 की सूची में दर्ज है, तो उसका नाम स्वचालित रूप से 2025 की सूची में शामिल हो जाएगा।
2. रिश्तेदार के नाम पर सत्यापन: यदि 2003 की सूची में मतदाता का नाम नहीं है, लेकिन उसके माता-पिता या किसी रिश्तेदार का नाम दर्ज है, तो उस आधार पर मतदाता का सत्यापन हो जाएगा।

विवाहित महिलाओं के लिए विशेष निर्देश

ऐसी विवाहित महिलाएं, जिनका विवाह 1 जनवरी 2003 से पहले नहीं हुआ था, उन्हें खुद को मतदाता साबित करने के लिए अपने मायके से अपना मतदाता क्रमांक और मतदान केंद्र क्रमांक की जानकारी बुलवाकर BLO द्वारा दिए गए फॉर्म में भरनी होगी।

सीईओ एमपी इलेक्शन ने स्पष्ट किया है कि “सर्वेक्षण के दौरान बीएलओ द्वारा कोई भी दस्तावेज़ नहीं लिया जाएगा, सिर्फ जानकारी ली जाएगी।”

सत्यापन के लिए कौन से दस्तावेज़ काम आएंगे?

यदि फॉर्म में दी गई जानकारी से सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ARO) असंतुष्ट होता है और मतदाता को नोटिस भेजता है, तो मतदाता को खुद को प्रमाणित करने के लिए निर्धारित 11 दस्तावेज़ों में से कोई भी एक देना होगा, जिसके बाद नाम सूची में जोड़ा जाएगा।

सुनवाई का मौका

यदि दस्तावेज़ देने के बावजूद ARO नाम नहीं जोड़ता है, तो मतदाता जिला कलेक्टर के पास आवेदन कर सकते हैं। जिला कलेक्टर के निर्णय के बाद भी असंतुष्टि होने पर, सीईओ निर्वाचन आयोग में सुनवाई का मौका मिलेगा।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

MADHYA PRADESH WEATHER

आपके शहर की तथ्यपूर्ण खबरें अब आपके मोबाइल पर