Mahakaushal Times

धर्मेंद्र को रोमांटिक हीरो बनाने वाले गायक: मोहम्मद रफी ने गाए थे 119 अमर गाने


नई दिल्ली। बॉलीवुड के Dharmendra को जब भी याद किया जाता है, तो एक मजबूत, गबरू और एक्शन हीरो की छवि सामने आती है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनकी यही छवि बदलकर उन्हें रोमांटिक स्टार बनाने में सबसे बड़ा योगदान दिवंगत गायक Mohammed Rafi का रहा है।

मोहम्मद रफी ने धर्मेंद्र के लिए एक-दो नहीं, बल्कि करीब 119 गाने गाए थे। यह सिलसिला 1961 की फिल्म शोला और शबनम से शुरू हुआ और 1980 के दशक तक लगातार चलता रहा। इन गीतों में लगभग 60 सोलो और 59 डुएट गाने शामिल थे। रफी की आवाज ने धर्मेंद्र के किरदारों को वह भावनात्मक गहराई दी, जिसने दर्शकों के दिलों में उनके लिए खास जगह बना दी।

फिल्मी दुनिया में अक्सर कहा जाता है कि धर्मेंद्र को रोमांटिक हीरो का दर्जा दिलाने में संगीतकारों की अहम भूमिका रही, लेकिन असली जादू रचा संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और मोहम्मद रफी ने मिलकर। इस जोड़ी ने धर्मेंद्र के लिए 50 से ज्यादा गाने तैयार किए, जिनमें प्रतिज्ञा का मशहूर गाना “मैं जट यमला पगला दीवाना” आज भी बेहद लोकप्रिय है।

इसके अलावा मदन मोहन के संगीत में जब रफी ने “आप के हसीन रुख पे” जैसे गीत गाए, तो धर्मेंद्र की रोमांटिक छवि और भी निखर गई। यह वही दौर था जब एक्शन फिल्मों के साथ-साथ धर्मेंद्र को एक सॉफ्ट रोमांटिक हीरो के रूप में भी देखा जाने लगा।

धर्मेंद्र ने खुद एक इंटरव्यू में कहा था कि जब रफी उनके लिए गाते थे, तो उन्हें लगता था जैसे वह खुद गा रहे हों। यह भावना ही उनकी ऑन-स्क्रीन परफॉर्मेंस को और अधिक वास्तविक बना देती थी।

रफी और धर्मेंद्र की जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार गीत दिए। हकीकत का “होके मजबूर मुझे उसने पुकारा होगा”, लोफर का “आज मौसम बड़ा बेईमान है” और दो रास्ते का “सुख के सब साथी” जैसे गाने आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में शामिल हैं।

इन दोनों की जोड़ी ने हर भावना प्यार, दर्द, खुशी और संघर्ष—को आवाज दी। यही कारण है कि आज भी जब ये गीत बजते हैं, तो धर्मेंद्र की मुस्कान और रफी की आवाज एक साथ अमर हो उठती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

MADHYA PRADESH WEATHER

आपके शहर की तथ्यपूर्ण खबरें अब आपके मोबाइल पर