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दिल्ली-NCR रेल रूट पर बड़ा बदलाव: फरीदाबाद–पलवल सेक्शन में ट्रेनों का संचालन प्रभावित, 13 मई तक अलर्ट


नई दिल्ली । दिल्ली और एनसीआर के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए आने वाले दिन चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल द्वारा किशनगंज स्टेशन पर यार्ड पुनर्निर्माण और नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) सिग्नल प्रणाली लगाने का कार्य शुरू किया गया है। इस महत्वपूर्ण तकनीकी अपग्रेड के चलते फरीदाबाद, पलवल और बल्लभगढ़ रेल सेक्शन पर 13 मई 2026 तक ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे ने इस कार्य के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग ब्लॉक लिया है, जिससे ट्रैफिक को नियंत्रित किया जा रहा है।

कई शटल ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट, नई दिल्ली तक ही सेवा
रेलवे के अनुसार, इस रूट पर चलने वाली कई प्रमुख शटल ट्रेनें अपने निर्धारित अंतिम स्टेशन तक नहीं पहुंच पाएंगी। इन्हें अस्थायी रूप से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ही समाप्त कर दिया जाएगा।

प्रभावित प्रमुख ट्रेनें इस प्रकार हैं:

64012 (शकूरबस्ती–पलवल)
64013 (पलवल–शकूरबस्ती)
64015 (पलवल–शकूरबस्ती)
64016 (शकूरबस्ती–पलवल)
64071 (बल्लभगढ़–शकूरबस्ती)
इन ट्रेनों के प्रभावित होने से रोजाना अप-डाउन करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त यात्रा साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।

यात्रियों पर बढ़ा बोझ, समय और खर्च दोनों प्रभावित
इस बदलाव का सबसे अधिक असर उन यात्रियों पर पड़ा है जो फरीदाबाद, पलवल और आसपास के क्षेत्रों से दिल्ली की ओर रोजाना यात्रा करते हैं। अब यात्रियों को नई दिल्ली स्टेशन से आगे मेट्रो, बस, ऑटो या कैब का उपयोग करना पड़ रहा है। इससे न सिर्फ यात्रा का समय बढ़ गया है, बल्कि अतिरिक्त खर्च भी यात्रियों पर बोझ डाल रहा है।

 लंबी दूरी की ट्रेन भी प्रभावित
सिर्फ लोकल ट्रेनें ही नहीं, बल्कि लंबी दूरी की ट्रेन Himsagar Express के मार्ग में भी अस्थायी बदलाव किया गया है। रेलवे द्वारा ट्रैफिक को सुरक्षित और सुचारू रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

 क्यों किया जा रहा है यह काम?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, किशनगंज स्टेशन पर चल रहा यार्ड रिमॉडलिंग और नई सिग्नलिंग प्रणाली का कार्य भविष्य में ट्रेनों की गति, सुरक्षा और संचालन क्षमता को बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है। इसी कारण इस दौरान अस्थायी ब्लॉक लिया गया है।

 रेलवे की अपील: यात्रा से पहले करें जांच
Indian Railways ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति NTES ऐप या रेलवे हेल्पलाइन के माध्यम से जरूर जांच लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके। फिलहाल यह अस्थायी बदलाव यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है, लेकिन आने वाले समय में इससे रेल संचालन अधिक सुरक्षित और तेज होने की उम्मीद है।

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