मध्यप्रदेश। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) पर जूता फेंकने की घटना को लेकर चर्चा में रहे वकील राकेश किशोर बुधवार सुबह खजुराहो के जवारी मंदिर पहुंचे। सुबह करीब दस बजे मंदिर पहुंचकर उन्होंने कुछ देर वहाँ बिताया और फिर बाहर आकर मीडियाकर्मियों से बातचीत की।
‘हम सब सनातनी हैं’
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि “हम सभी सनातनी हैं” और उन्होंने जातिगत भेद को समाप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने नारा दिया, “जात-पात की करो विदाई, हम सब हिन्दू भाई-भाई।” इस दौरान, राकेश किशोर भारतीय संस्कृति की पारंपरिक वेशभूषा में दिखाई दिए और उनके साथ संतों का एक समूह भी मौजूद था। उनकी उपस्थिति के दौरान, खजुराहो पुलिस और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम भी सिविल ड्रेस में वहाँ मौजूद रही।
खंडित मूर्ति पर पूर्व में दिया था बयान
वकील राकेश किशोर ने पहले खंडित मूर्तियों के विषय पर अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि, “अगर भगवान विष्णु की मूर्ति के सिर लग जाए, तब भी वह खंडित ही मानी जाएगी। इसके लिए या तो बगल में एक और मूर्ति लगाकर उसकी पूजा की जानी चाहिए, या फिर इस खंडित मूर्ति को गंगा में विसर्जित करके **बिल्कुल वैसी ही नई मूर्ति स्थापित की जानी चाहिए।”
CJI के बयान से जुड़ा है विवाद
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब CJI बीआर गवई ने खजुराहो के जवारी मंदिर में भगवान विष्णु की एक खंडित मूर्ति के पुनर्निर्माण की याचिका को खारिज कर दिया था। उस समय, CJI ने कथित तौर पर टिप्पणी की थी, “भगवान से कहो कि वही कुछ करें।”