मध्यप्रदेश। मुख्य न्यायाधीश (CJI) पर जूता फेंकने की कोशिश करके सुर्खियों में आए वकील राकेश किशोर को खजुराहो में हवन करने की अनुमति नहीं मिली है।
राकेश किशोर 5 नवंबर से दो दिवसीय प्रार्थना और मेडिटेशन कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य खजुराहो के जवारी मंदिर में खंडित मूर्ति की पुनः स्थापना करना है। इस कार्यक्रम के तहत आज जब वह अपनी पत्नी के साथ हवन करने की तैयारी कर रहे थे और उन्होंने वेदी का निर्माण कर लिया था, तभी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) विभाग के अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया।
ASI ने दी चेतावनी
मौके पर पहुंचे ASI अधिकारियों ने उन्हें मंदिर परिसर के 100 मीटर के दायरे में हवन न करने की चेतावनी दी।
इस पर वकील राकेश किशोर ने अधिकारियों से बहस की। उन्होंने तर्क दिया कि यह सीमा 100 मीटर नहीं, बल्कि 100 फीट तक होती है। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि अगर वे उन्हें हटाना चाहते हैं, तो वे पुलिस को बुला सकते हैं।