यह दर्दनाक हादसा 11 मई की रात का बताया जा रहा है, जब वेद अपने परिवार के साथ होटल में आयोजित एक पूल पार्टी में शामिल था। फुटेज में साफ दिखाई देता है कि बच्चा पहले पूल से बाहर निकलता है, लेकिन कुछ ही मिनट बाद वह दोबारा पानी में कूद जाता है। इसी दौरान वह गलती से उथले हिस्से की बजाय गहरे हिस्से में चला जाता है।
करीब 5 फीट गहरे पानी में फंसने के बाद बच्चा बाहर निकलने की कोशिश करता रहा, लेकिन वह लगातार संघर्ष करते हुए डूबने लगता है। CCTV में यह भी दिखाई देता है कि आसपास कई लोग मौजूद थे, लेकिन किसी का ध्यान तुरंत उस पर नहीं गया। कुछ लोग उसके पास से गुजरते रहे, लेकिन स्थिति की गंभीरता को नहीं समझ सके।
परिजनों का आरोप है कि होटल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। उनका कहना है कि पूल में गहराई को दर्शाने के लिए कोई स्पष्ट संकेत नहीं थे और न ही बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई गई थी। सबसे गंभीर आरोप यह है कि मौके पर कोई प्रशिक्षित लाइफगार्ड मौजूद नहीं था।
घटना के बाद परिजनों ने पहले बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया, लेकिन बाद में मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची। इसके बाद शव को दोबारा निकाला गया और पोस्टमॉर्टम कराया गया, ताकि मौत के कारणों की स्पष्ट पुष्टि हो सके।
Gwalior पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि होटल मैनेजमेंट, पूल पार्टी आयोजकों और मौजूद लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। साथ ही पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और वीडियो फुटेज का मिलान कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर होटल और सार्वजनिक स्विमिंग पूल्स में सुरक्षा मानकों की गंभीर कमी को उजागर कर दिया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है, जबकि परिवार गहरे सदमे में है।