पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह एमए अंतिम वर्ष की छात्रा है। उसके अनुसार 15 फरवरी को हिंदू रीति-रिवाज से उसका रोका हुआ था और 20 मार्च को परिवार की सहमति से उसकी सगाई अंकित ओझा नाम के युवक से हुई थी, जो एसएएफ सेकेंड बटालियन में आरक्षक के पद पर पदस्थ है और तिलक नगर स्थित सरकारी आवास में रहता है।
युवती का आरोप है कि सगाई के बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ गई और वे एक-दूसरे के साथ समय बिताने लगे। इसी दौरान 5 मई को दोनों की शादी तय की गई थी। शिकायत के अनुसार 3 मार्च को आरोपी ने तिलक नगर स्थित सरकारी आवास पर पहली बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद 9 मार्च और 18 मार्च को भी ऐसे संबंध बने, जिसमें आरोपी ने यह भरोसा दिलाया कि शादी निश्चित है, इसलिए इसमें कोई समस्या नहीं है।
पीड़िता का कहना है कि जब परिवार ने शादी की रस्मों को आगे बढ़ाने के लिए लगन की बात की, तो आरोपी ने अचानक शादी से इनकार कर दिया। काफी समझाने और बातचीत के बावजूद आरोपी अपने फैसले पर अड़ा रहा और शादी करने से साफ मना कर दिया।
इसके बाद पीड़िता ने माधौगंज थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
माधौगंज थाना प्रभारी दिव्या तिवारी ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Gwalior में सामने आया यह मामला एक बार फिर रिश्तों में भरोसे और कानूनी जटिलताओं को लेकर चर्चा में आ गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।