Mahakaushal Times

उज्जैन में बड़ा एक्शन मोड: शिप्रा तट पर अवैध होटल-रिसॉर्ट पर हाईकोर्ट की नजर


नई दिल्ली। उज्जैन में पवित्र शिप्रा नदी के किनारे लगातार बढ़ रहे अवैध निर्माणों को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सख्त रुख अपनाया है। नदी के शुद्धिकरण और संरक्षण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद ग्रीन बेल्ट और सिंहस्थ के लिए आरक्षित भूमि पर होटल, रिसॉर्ट, मठ, आश्रम, रेस्टोरेंट और कॉलोनियों के रूप में 200 से अधिक अवैध निर्माण खड़े होने का मामला अब न्यायालय की निगरानी में है।

इस पूरे मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उज्जैन नगर निगम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह नदी किनारे 100 से 200 मीटर के दायरे में हुए सभी अतिक्रमणों की विस्तृत सूची तैयार करे। साथ ही यह भी बताया जाए कि अब तक इन अवैध निर्माणों पर क्या कार्रवाई की गई है और उन्हें हटाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

कोर्ट ने नगर निगम को यह रिपोर्ट 15 जून तक हर हाल में पेश करने का आदेश दिया है। इसी तारीख को मामले की अगली सुनवाई भी निर्धारित की गई है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि तब तक किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि इन क्षेत्रों में जारी नहीं रहनी चाहिए।

यह याचिका वर्ष 2023 में उज्जैन निवासी सत्यनारायण सोमानी द्वारा दायर की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर नियमों को दरकिनार करते हुए बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य किए गए हैं। इनमें होटल, मठ, आश्रम, स्कूल और आवासीय कॉलोनियां तक शामिल हैं। इन निर्माणों से निकलने वाला सीवरेज सीधे नदी में मिल रहा है, जिससे शिप्रा का जल गंभीर रूप से प्रदूषित हो रहा है।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि नदी के किनारे व्यावसायिक निर्माण न केवल पर्यावरण नियमों का उल्लंघन है, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अनुचित है। कोर्ट ने भी टिप्पणी की कि नदी तट पर किसी भी प्रकार के व्यावसायिक रिसॉर्ट या स्थायी निर्माण को अनुमति नहीं दी जा सकती।

पूर्व सुनवाई में 5 मई को भी कोर्ट ने नगर निगम को निर्देश दिए थे कि सभी अतिक्रमणों की सूची तैयार की जाए और सुनिश्चित किया जाए कि नदी किनारे कोई अवैध गतिविधि संचालित न हो। इसके साथ ही नदी निधि विकास योजना से जुड़ी रिपोर्ट भी पेश करने के निर्देश दिए गए थे।

अब सभी की नजरें 15 जून की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां नगर निगम की कार्रवाई रिपोर्ट यह तय करेगी कि अवैध निर्माणों पर प्रशासन ने कितनी गंभीरता से कदम उठाए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

MADHYA PRADESH WEATHER

आपके शहर की तथ्यपूर्ण खबरें अब आपके मोबाइल पर