निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि कुछ विभागों में डॉक्टर सुबह 9 बजे से निर्धारित ड्यूटी समय पर मौजूद नहीं थे। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सीईओ ने अनुपस्थित चिकित्सकों का एक दिन का वेतन काटने और सभी संबंधित डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीईओ श्रेयांश कुमट ने यह भी दोहराया कि शासन और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के अनुसार सभी चिकित्सकों को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक और शाम 5 बजे से 6 बजे तक नियमित रूप से अस्पताल में उपस्थित रहना अनिवार्य है, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। इसके बावजूद लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ डॉक्टर ड्यूटी समय का पालन नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इससे पहले भी कई बार चिकित्सकों को चेतावनी दी जा चुकी है और कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसी कारण अब सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया है।
निरीक्षण के दौरान सीईओ ने केवल उपस्थिति व्यवस्था ही नहीं, बल्कि अस्पताल की साफ-सफाई, वार्डों की स्थिति, मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं, रिकॉर्ड प्रबंधन और अन्य चिकित्सकीय सेवाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल की लिफ्ट व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की और सुधार के निर्देश दिए।
अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. संगीता पलसानिया ने बताया कि अस्पताल में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि आगामी राष्ट्रीय असेसमेंट को ध्यान में रखते हुए अस्पताल की व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
इस कार्रवाई के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप की स्थिति है और अब सभी चिकित्सकों को उपस्थिति व्यवस्था को लेकर सख्त पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।