MP News : मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगर निगमों की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से एक क्रांतिकारी पहल शुरू की है। सभी निगमों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग (ML) पर आधारित फेस रिकग्निशन आईडी सिस्टम जल्द लागू किया जाएगा। यह तकनीक फर्जी अटेंडेंस, अनियमित वेतन वितरण और कर्मचारियों के अनुशासन में सुधार लाने में कारगर साबित होगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
अनुपस्थित कर्मचारियों पर सख्ती (MP News) :
नई प्रणाली के तहत भोपाल नगर निगम ने शनिवार दोपहर 12 बजे तक 5,000 से अधिक कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया। ये वे लोग थे जो लंबे अरसे से ड्यूटी से गायब रहते थे या नकली उपस्थिति दिखाकर वेतन हड़प रहे थे। विभाग ने ई-एचआरएमएस (इलेक्ट्रॉनिक ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) विकसित किया है, जो सभी डेटा को डिजिटल रूप से एकीकृत करेगा। इससे भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर पूर्ण रोक लगेगी।
हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई (MP News) :
इस बदलाव का विरोध करते हुए नगर निगम के चालक और सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया। शुक्रवार और शनिवार को उन्होंने काम ठप कर दिया, जिसके फलस्वरूप कचरा संग्रहण वाहन घर-घर नहीं पहुंचे। भोपाल में आधी सैलरी मिलने से खफा सफाईकर्मी गेहूंखेड़ा स्थित निगम कार्यालय के बाहर जमा हो गए और जोरदार नारेबाजी की।
भारतीय सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष सोनू डागर ने कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, “नगर निगम को या तो पूरे महीने का वेतन देना चाहिए था या नया अटेंडेंस सिस्टम 1 नवंबर से ही चालू करना चाहिए था। इससे कर्मचारियों को पूरा वेतन मिल जाता।” यह हड़ताल ‘मध्य प्रदेश शासकीय वाहन चालक यांत्रिकी कर्मचारी संघ’ के नेतृत्व में हो रही है। अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो यह आंदोलन लंबा खिंच सकता है, जिससे शहर में कचरे के ढेर लगने और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ने का डर है।