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एक्ट्रेस ट्विशा केस: पुलिस जांच पर गंभीर सवाल, परिजनों ने उठाई आपत्ति


भोपाल  भोपाल की चर्चित एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और अब यह केस पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही है, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्य और परिजनों के आरोपों ने पूरी कहानी को और जटिल बना दिया है। इस केस में पुलिस की पांच बड़ी चूकें सामने आने के बाद मुख्य आरोपी समर्थ सिंह घटना के 9 दिन बाद भी फरार है, जिससे जांच प्रक्रिया पर सवाल और गहरे हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, भोपाल एम्स की शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट घटना के 24 घंटे के भीतर पुलिस को मिल गई थी, जिसमें मृतका के शरीर पर कई चोटों के निशान दर्ज थे। इसके बावजूद पुलिस द्वारा मामले को आत्महत्या मानते हुए शुरुआती जांच में तेजी नहीं दिखाई गई, जिसे बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि शुरुआत से ही उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया और समय रहते आरोपी तक पहुंचने में भी पुलिस विफल रही।

इस बीच पुलिस कमिश्नर ने आरोपी पर इनाम राशि 10 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए छह विशेष टीमें गठित की गई हैं। साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया है और लुक-आउट नोटिस भी जारी कर दिया गया है, लेकिन अब तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

परिजनों ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर नाराजगी जताते हुए दूसरी एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि 13 मई की रात जब वे कटारा हिल्स थाने पहुंचे थे, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें थाने से बाहर निकाल दिया गया। परिवार का कहना है कि उनकी बातों को अनसुना किया गया, जिससे उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होता दिखाई दे रहा है। इसी असंतोष के चलते परिवार हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है।

मामले में अदालत ने भी अहम हस्तक्षेप करते हुए शव को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने आदेश दिया है कि शव को माइनस 80 डिग्री तापमान में संरक्षित किया जाए, क्योंकि मौजूदा मॉर्च्युरी में केवल माइनस 4 डिग्री तापमान की सुविधा है, जो लंबे समय तक शरीर को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त नहीं है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रदेश के बाहर दोबारा पोस्टमॉर्टम की अनुमति उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती।

वहीं पुलिस का कहना है कि एसआईटी निष्पक्ष जांच कर रही है और शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। पुलिस के अनुसार मृतका के गले पर मिले निशान फांसी लगाने के संकेत देते हैं। हालांकि परिजन इस दावे को खारिज करते हुए इसे संदिग्ध हत्या का मामला बता रहे हैं।

फिलहाल यह केस सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में है और #JusticeForTwisha जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की अपील कर रहे हैं। CCTV फुटेज और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के सामने आने के बाद यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है, जहां एक तरफ पुलिस अपनी जांच को सही बता रही है, वहीं दूसरी तरफ परिजन न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं।

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