MP News : भोपाल। राजधानी के दिल में एक ऐसी घटना घटी है जो वन विभाग की नाकामी को आईने की तरह दिखा रही है। डीएफओ (डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर) के दफ्तर के करीब ही लगे चंदन के पेड़ को चोरों ने रातोंरात काट डाला और तना लेकर फरार हो गए। दूसरा पेड़ अधकटा छोड़ दिया, लेकिन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी है जंगलों और दुर्लभ प्रजातियों की रक्षा की, उनकी नजरों के नीचे यह कांड हो गया, जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया है।
घटना बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात की बताई जा रही है। डीएफओ कार्यालय के आसपास का इलाका हाई-सिक्योरिटी जोन माना जाता है, फिर भी चोरों ने बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दिया। सुबह-सुबह स्टाफ ने नर्सरी क्षेत्र में पेड़ का टुकड़ा देखा तो सन्न रह गए। एक चंदन का पेड़ पूरी तरह गायब था, जबकि दूसरे की जड़ें और ऊपरी डालें बिखरी पड़ी थीं। चोरों ने चेनसॉ या आरी का इस्तेमाल किया लगता है, क्योंकि कटाव साफ-सुथरा था। चंदन की कीमत बाजार में लाखों में होती है, इसलिए यह संगठित गिरोह का काम हो सकता है। (MP News)
वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक, चोरों ने रात के अंधेरे का फायदा उठाया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को चकमा देकर भाग निकले। डीएफओ ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में रात के समय गश्त की कमी है, जिसका फायदा उठाकर तस्कर सक्रिय हो जाते हैं। विभाग पर लापरवाही का आरोप लग रहा है – आखिर डीएफओ दफ्तर के पास ही निगरानी क्यों ढीली पड़ गई? (MP News)
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत जांच शुरू कर दी है। चोरों की तलाश में आसपास के जिलों में भी नेट फैलाया गया है। यह घटना भोपाल में चंदन तस्करी के बढ़ते मामलों को उजागर करती है, जहां दुर्लभ पेड़ों पर नजरें लगी रहती हैं। वन विभाग ने कहा है कि जल्द ही अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे, लेकिन सवाल यह है कि इतनी बड़ी चोरी कैसे हो गई?